Russia Ukraine War: अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ओलेश्की में सीजफायर का ऐलान किया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सीजफायर यूक्रेन के ओलेश्की शहर तक ही सीमित रहेगा, जो 29 अक्टूबर 2026 से लागू हो रहा है। इसका मकसद शहर में मानवीय सहायता पहुंचाना और नागरिकों को सुरक्षित मार्ग से निकालने की व्यवस्था करना है।
अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप
फर्स्ट लेडी के कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, दोनों देशों ने ओलेश्की में अस्थायी रूप से सभी सैन्य गतिविधियां रोकने पर सहमति जताई है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा सके और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा सके।
'बेहद खराब है ओलश्की की स्थिति'
मेलानिया ट्रंप ने कहा, ''ओलश्की की स्थिति बहुत खराब है। यह अग्रिम मोर्चे पर स्थित एक ऐसा शहर है, जो तबाही के कगार पर है। ओलश्की में बचे अधिकांश लोग बुजुर्ग हैं, जिन्हें तुरंत मेडिकल सहायता, दवाओं, भोजन और साफ पानी की जरूरत है।''
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उन्होंने कहा कि ओलश्की में बिजली की भारी कमी है। लोग बारूदी सुरंगों से प्रभावित सड़कों के बीच रह रहे हैं और नियमित सैन्य हमलों का सामना कर रहे हैं। यह स्पष्ट था कि मेरे हस्तक्षेप के बिना शहर में मानवीय सहायता पहुंचाना और बुजुर्गों को वहां से निकालना संभव नहीं होता।
बयान के मुताबिक, मेलानिया ट्रंप और उनके प्रतिनिधि ने रूस तथा यूक्रेन के नेतृत्व के साथ सीधे बातचीत कर सीजफायर की शर्ते तय कीं। फर्स्ट लेडी ने दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू कराई और समझौते के मकसद, तकनीकी प्रक्रियाओं, समय-सीमा तथा अन्य शर्तों पर सहमति बनाने में भूमिका निभाई। मेलानिया ने कहा कि दोनों देशों के गैर-सैन्य नागरिक प्रतिनिधि ओलेश्की के निवासियों से उनके घरों में जाकर मुलाकात करेंगे और उनकी जरूरतों का आकलन करेंगे।
