Iran-Israel ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई है और अगले 24 घंटे में ये चरणबद्ध तरीके से लागू होगा। वहीं रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, वार्ता में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने इसमें अहम भूमिका निभाई। अल थानी ने इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष में अमेरिका द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम के लिए तेहरान की सहमति सुनिश्चित की।
ईरान-इजरायल सीजफायर का दावा
ट्रंप-वेंस ने कतर के अमीर से की बात
यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा कतर के अमीर से संपर्क करने के बाद उठाया गया। इन्होंने सोमवार को कतर में अमेरिकी एयरबेस पर ईरानी मिसाइल हमलों के बाद मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने में मदद करने का आग्रह किया था। अधिकारी ने खुलासा किया कि ट्रंप ने अमीर से कहा कि इजरायल युद्धविराम पर सहमत हो गया है और ईरान को भी सहमत करने के लिए कतर की मदद मांगी।
इसके तुरंत बाद, कतर के प्रधानमंत्री ने ईरानी अधिकारियों से बात की और युद्धविराम की शर्तों के लिए तेहरान से प्रतिबद्धता हासिल करने में सफल रहे। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि तेहरान ने कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम को स्वीकार कर लिया। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किए गए दावों का खंडन किया है और कहा है कि युद्धविराम पर कोई समझौता नहीं हुआ है।
ट्रंप बोले, 12 दिवसीय युद्ध खत्म हुआ
इससे पहले, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि दोनों देशों द्वारा चल रहे सैन्य अभियानों को समाप्त करने के कुछ ही घंटों बाद पूर्ण और समग्र युद्धविराम लागू हो जाएगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘बधाई हो सभी को! ईरान और इजरायल के बीच पूर्ण और अंतिम सीजफायर पर सहमति बन गई है। सीजफायर छह घंटे के भीतर शुरू होगा और ईरान को पहले इसे पालन करना होगा। ईरान की ओर से सीजफायर का पालन करने के बाद, अगले 12 घंटे बाद इजरायल भी सीजफायर में शामिल हो जाएगा। 24 घंटे बाद युद्ध को औपचारिक तौर पर समाप्त माना जाएगा।’
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल की सहनशक्ति, साहस और बुद्धिमत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच ये युद्ध सालों तक चल सकता था जिससे मध्य पूर्व तबाह हो सकता था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और कभी होगा भी नहीं। ट्रंप ने इस लंबे-चौड़े पोस्ट के अंत में लिखा- ईश्वर ईरान को आशीर्वाद दे, ईश्वर इजरायल को आशीर्वाद दे, ईश्वर मध्य पूर्व को आशीर्वाद दे, ईश्वर अमेरिका को आशीर्वाद दे और ईश्वर पूरी दुनिया को आशीर्वाद दे।
