Israel-Hezbollah War: इजरायल ने आतंकवादी संगठन हिजबुल्ला के खिलाफ दोहरी कार्रवाई को तेज कर दिया है। एक तरफ जहां इजरायल बेरूत और उसके आसपास के इलाकों में एयर स्ट्राइक कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इजरायली सेना ने हिजबुल्ला के ठिकानों को तबाह करने के लिए जमीनी अभियान तेज कर दिया है और एक-एक कर हिजबुल्ला के कमांडरों का खात्मा कर रहे हैं। हालांकि, हिजबुल्ला की ओर से भी मिसाइलें दागी जा रही हैं। इस बीच, युद्ध के मैदान से सटीक और पुख्ता जानकारी अपने दर्शकों तक पहुंचाने के लिए Times Now की टीम वार जोन में मौजूद है। टाइम्स नाउ नवभारत के रिपोर्टर प्रदीप दत्ता नेवहां से युद्ध का आंखों देख हाल सुनाया है।
हिजबुल्लाह-इजराइल के बीच संघर्ष हुआ तेज।
डर के साये में जी रहे लोग
टाइम्स नाउ के रिपोर्टर प्रदीप दत्ता ने किरयाट शिमोनाह में 17 साल से इजरायल में काम करने वाली एक भारतीय महिला से बातचीत की। इस दौरान वार जोन में रह रही भारतीय महिला ने अपना दर्द बयां किया और बताया कि वह बेहद कठिन हालातों में रह रही हैं, लेकिन जैसे ही हवाई हमले से कुछ सेकंड पहले सायरन बजता है तो हम लोग सेफ्टी रूम में चले जाते है। इन हमलों के बीच घबराहट भी होती है, लेकिन बच्चों का पेट भरने के लिए हमें काम करना पड़ता है। भारत में काम नहीं है, इसीलिए इजरायल आए हैं, यहां पर अच्छी सैलरी है।
टाइम्स नाउ के रिपोर्टर प्रदीप दत्ता ने भारतीय महिला से जानना चाहा कि यहां पर पहले कभी ऐसे हालात देखे गए हैं? इस पर भारतीय महिला ने कहा कि मैं 2007 में इजरायल आई थी और 2006 में यहां पर धमाका हुआ था। इसके बाद से यहां पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि 2006 के बाद किरयाट शिमोनाह में पहली बार इतनी ज्यादा बमबारी हो रही है।
इजरायली एयर स्ट्राइक में 22 की मौत
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इजरायल ने बेरूत के घनी आबादी वाले क्षेत्र अल-नूइरी को निशाना बनाकर एयर स्ट्राइक की जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और 117 अन्य घायल हुए हैं। हालांकि, इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के संपर्क और कोऑर्डिनेशन यूनिट के प्रमुख वाफिक सफा बच निकला और भागने में उसे कामयाबी भी मिली।
गौरतलब है कि इजरायल ने 23 सितंबर से लेबनान में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। साथ ही इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई लेबानानी संगठन हिजबुल्ला के खात्मे तक जारी रहेगी। तभी तो 27 सितंबर को बेरूत में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह और उसके कई सहयोगियों को मौत के घाट उतार दिया।
