Iran Peace Proposal: एक नामी समाचार एजेंसी ने सोमवार को एक पाकिस्तानी सूत्र के हवाले से बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान की ओर से शांति का एक बदला हुआ प्रस्ताव अमेरिका के साथ शेयर किया गया है। यह युद्ध अभी अस्थायी युद्धविराम के तहत है। एक पाकिस्तानी सूत्र ने बताया कि चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता रुकी हुई है, इसलिए दोनों पक्ष 'लगातार अपने लक्ष्य बदल रहे हैं।'
ईरान का संशोधित प्रस्ताव अमेरिका के साथ साझा (फाइल फोटो)
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए शेयर किया गया, जो इन दोनों देशों के बीच मुख्य मध्यस्थ के तौर पर उभरा है। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता रुकी हुई है, इसलिए दोनों पक्ष 'लगातार अपने लक्ष्य बदल रहे हैं।' ईरान ने युद्ध खत्म करने की इच्छा दिखाते हुए सोमवार को कहा कि उसने अमेरिका की ओर से भेजे गए एक नए शांति प्रस्ताव का जवाब दे दिया है। उसने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत में लगे हुए हैं, हालांकि ईरानी मीडिया ने अमेरिका की मांगों को 'बहुत ज़्यादा' बताया है।
'अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया अभी भी जारी'
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया अभी भी जारी है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। इस्माइल बगाई ने तेहरान में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'इस तथ्य के बावजूद कि अमेरिकी पक्ष ने सार्वजनिक रूप से प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, पाकिस्तानी मध्यस्थ के जरिए हमें कुछ सुधार बिंदु और विचार मिले हैं, जो उनके दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।' यह बात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के एक दिन बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था, 'ईरान के लिए, घड़ी की टिक-टिक शुरू हो चुकी है, और उन्हें अब तेज़ी से आगे बढ़ना होगा, बहुत तेजी से, वरना उनका कुछ भी नहीं बचेगा।'ट्रंप ने तेहरान के लिए कई बार समय सीमा तय की है और फिर उससे पीछे हट गए हैं।
ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने बताया कि अमेरिका की ओर से रखी गई मांगों में यह शामिल था कि ईरान को युद्ध के लिए कोई मुआवज़ा नहीं दिया जाएगा और देश को सिर्फ एक परमाणु ठिकाना रखने की अनुमति होगी।
एक नामी मीडिया ने ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई के हवाले से बताया, 'जैसा कि हमने कल घोषणा की थी, हमारी चिंताएं अमेरिकी पक्ष तक पहुंचा दी गई हैं।' उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और उसके जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया कि दोनों पक्ष किन मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। समझौता करने की इच्छा जताते हुए बाकाई ने यह भी कहा कि इस चरण में, ईरान का मुख्य ध्यान अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने पर है।
'ईरान के लिए समय तेजी से बीत रहा है'
यह तब हुआ जब रविवार को ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि उसके पास अब ज़्यादा समय नहीं बचा है।ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में लिखा, 'ईरान के लिए समय तेज़ी से बीत रहा है। उन्हें अब तेज़ी से आगे बढ़ना चाहिए, बहुत तेज़ी से, वरना उनका कुछ भी नहीं बचेगा। समय बहुत कीमती है! राष्ट्रपति DJT।' ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध 28 फरवरी से चल रहा है और फिलहाल यह अस्थायी युद्धविराम के तहत है।
'ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए 'बेताब' है'
इस बीच, ट्रंप ने सोमवार को प्रकाशित 'फॉर्च्यून' पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि 'ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए 'बेताब' है।' हालांकि, उन्होंने कहा कि 'दोनों पक्षों की चाहत के बीच एक फ़ासला है। लेकिन वे एक डील करते हैं, और फिर वे आपको एक ऐसा कागज़ भेजते हैं जिसका आपकी की गई डील से कोई लेना-देना नहीं होता।' ट्रंप ने फ़ॉर्च्यून को बताया।अमेरिकी राष्ट्रपति ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि ब्याज दरों में और कटौती के लिए, उन्हें ईरान में चल रहे युद्ध के खत्म होने तक इंतजार करना पड़ सकता है। 'जब तक युद्ध खत्म नहीं हो जाता, तब तक आप असल में आंकड़ों को नहीं देख सकते,' उन्होंने कहा।
