US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया। दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ मिसाइलें और बम बरसा रहे हैं। होर्मुज में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमले को लेकर बौखलाए अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सिरे से सैन्य कार्रवाई तेज कर दी और लगातार मिसाइलें दाग रहा है।
क्या बातचीत की मेज पर लौटेंगे अमेरिका-ईरान (फोटो साभार: AI)
इस बीच, अमेरिका और ईरान को एक बार फिर बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिशें तेज हो गईं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्रीय सूत्रों ने पुष्टि की कि पाकिस्तान और कतर दोनों देशों के बीच वार्ता बहाल कराने के लिए सक्रिय रूप से मध्यस्थता कर रहे हैं।
इससे पहले, स्विट्जरलैंड में हुई वार्ताओं में भी पाकिस्तान और कतर ने अहम भूमिका निभाई थी। जिसके परिणामस्वरूप जून के मध्य में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति बनी थी। हालांकि, शुरुआती दौर की कूटनीतिक वार्ताओं को आगे बढ़ाने में ओमान की भी अहम भूमिका रही है। इस बीच, बुधवार रात पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और ऐसे किसी भी कदम से बचने की अपील की, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचे।
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US ने ईरान पर बरपाया कहर
अमेरिका पर ईरान के दो रेलवे ब्रिज पर मिसाइलें दागने का भी आरोप है। जिसकी वजह से तेहरान-मशहद के बीच पैंसेजर ट्रेन सेवा ठप हो गई और मौके पर फंसे यात्रियों को सड़क मार्ग से गंतव्य तक पहुंचाया गया। इसके अलावा, ताजा हमलों में ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई।
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते दो दिनों में देश के पांच अलग-अलग प्रांतों पर हुए हमलों में 14 लोगों की मौत हुई। यह हमले ऐसे समय पर हुए जब ईरानी सेना ने कुवैत, कतर और बहरीन पर मिसाइलें दागीं।
