Iran US Mediation Update: मजार-ए-शरीफ में ईरान के महावाणिज्य दूतावास (Consulate General) ने आधिकारिक घोषणा की है कि पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील कूटनीतिक मिशन पर तेहरान पहुंच चुके हैं। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य गतिरोध और युद्ध को स्थाई रूप से समाप्त करने के लिए पाकिस्तान आधिकारिक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। आसिम मुनीर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका के कड़े रुख के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच मतभेद की खाई बहुत गहरी है।
अमेरिका-ईरान युद्ध रुकवाने तेहरान पहुंचे आसिम मुनीर (फाइल फोटो | AP)
परमाणु मुद्दे पर ईरान का सख्त रुख
पाकिस्तानी सेना प्रमुख की मौजूदगी के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों पक्षों के बीच चल रहे गंभीर वैचारिक मतभेदों को उजागर किया। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, बघाई ने साफ किया कि ईरान अभी भी अपने उसी 14-सूत्रीय फॉर्मूले पर अडिग है जो उसने पहले अमेरिका को सौंपा था। परमाणु वार्ता के विवरण को गुप्त रखने पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे परमाणु से जुड़ी चर्चाओं के विवरण पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं, यह पूरी तरह साफ है। उन्होंने कहा कि पहले दो बार ऐसा (विस्तृत चर्चा) किया जा चुका है और दूसरे पक्ष (अमेरिका) के लालच ने उन्हें युद्ध की ओर धकेल दिया है।
बघाई ने आगे कहा कि जहां तक परमाणु मुद्दों का सवाल है, स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का एक जिम्मेदार सदस्य है और उसके पास शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा का उपयोग करने का पूरा अधिकार है।
शांति समझौता अभी दूर, लग सकता है समय
ईरानी प्रवक्ता ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया कि अमेरिका के साथ कोई समझौता बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच का अंतर 'गहरा और महत्वपूर्ण' है। यह कहना जल्दबाजी होगी कि कोई अंतिम समझौता अगले कुछ हफ्तों में होगा या महीनों में। बघाई के मुताबिक, "फिलहाल वार्ता का मुख्य और एकमात्र ध्यान युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने पर केंद्रित है। इस चरण में परमाणु मुद्दे से जुड़े तकनीकी विवरणों पर कोई चर्चा नहीं की जा रही है।"
डोनाल्ड ट्रंप का दावा: 'ईरान डील के लिए तड़प रहा है'
दूसरी तरफ, वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। देखते हैं आगे क्या होता है, लेकिन हमने उन पर बहुत करारा प्रहार किया है। हमारे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था क्योंकि ईरान के पास किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं हो सकता। वे इसे हासिल नहीं कर सकते।" इसके साथ ही ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल की तरह ही इस बार भी नए नियमों के बदले पुराने कड़े नियमों को लागू करने की बात दोहराई।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका का 'प्लांट बी' तैयार
इस कूटनीतिक उठापटक के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति जलमार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी तनाव बढ़ गया है। स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग में आयोजित एक मंत्रिस्तरीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया को बताया कि उन्होंने नाटो (NATO) सहयोगियों के साथ योजनाओं पर गंभीर चर्चा की है।
मार्को रुबियो ने सैन्य तैयारियों पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस महत्वपूर्ण समुद्री चोक पॉइंट पर कोई गोलीबारी या हमला शुरू होता है, तो उनके (अमेरिक) पास एक 'प्लान बी' तैयार होना चाहिए। आदर्श स्थिति तो यह होगी कि ईरान खुद इस जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खुला रखे। रुबियो ने आगे कहा कि सवाल यह है कि अगर ईरान ऐसा करने से पूरी तरह इनकार कर देता है, तो हमारा अगला कदम क्या होगा? हमारी सेना को उसके लिए तैयार रहना होगा।
