Iran US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर है। दोनों देश लगातार शांति स्थापित करने की बातें कर रहे हैं, लेकिन अबतक कोई समझौता फाइनल नहीं हो पाया है। इस बीच, ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तलाएई निक ने पश्चिम एशियाई जंग को समाप्त करने का रास्ता बताया है। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करने का एकमात्र रास्ता ईरानी जनता की मांगों को स्वीकार करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका टकराव जारी रखता है तो उसे और उसके सहयोगियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
ईरान ने ट्रंप को दी चेतावनी
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तलाएई-निक ने कहा, ''अमेरिका और जायोनी (इजरायल) ताकतों द्वारा थोपा गया यह तीसरा युद्ध तभी खत्म हो सकता है, जब ईरानी लोगों की मांगों को माना जाएगा।'' उन्होंने आगे कहा कि अगर अमेरिका ईरान के अधिकारों को मान्यता नहीं देता है तो इसका खामियाजा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और क्षेत्र में अमेरिका की स्थिति को भुगतना पड़ेगा।
'ईरान संग वार्ता में मामूली प्रगति'
इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ हुई वार्ता में "मामूली प्रगति" हुई है, लेकिन इस बात को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है कि कोई समझौता हो पाएगा या फिर युद्ध दोबारा शुरू होगा। रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने ईरान पर सैन्य हमला इसलिए टाल दिया क्योंकि "महत्वपूर्ण बातचीत" जारी है।
मुनीर ने अराघची से की बात
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों के तहत ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत की। पाकिस्तानी सेना ने बताया कि मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के प्रयासों को तेज करने के लिए एक महत्वपूर्ण यात्रा पर शुक्रवार को तेहरान पहुंचे। सेना ने कहा कि यह यात्रा 'मध्यस्थता के जारी प्रयासों के तहत' की गई।
