Nepal Gen Z Protest: नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले के खिलाफ तीव्र विरोध के बाद मंगलवार को अपना पद छोड़ दिया। यह कदम केपी शर्मा ओली के नेपाल के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ ही समय बाद उठाया गया।
नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल (फाइल फोटो: PTI)
काठमांडू घाटी के तीन जिलों में स्थानीय प्रशासन द्वारा सुबह से ही कर्फ्यू लगाए जाने के बावजूद, नेपाल की जनरेशन जेड के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन में घुसकर आग लगा दी।
नेपाल में फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जिसके कारण जेनरेशन जेड के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कम से कम 19 लोग मारे गए और कई घायल हुए। अपंजीकृत सोशल मीडिया साइटों पर सरकारी कार्रवाई से शुरू हुआ यह आंदोलन काठमांडू और पोखरा, बुटवल, भैरहवा, भरतपुर, इटाहारी और दमक सहित अन्य प्रमुख शहरों में व्यापक सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गया।
अब बड़ा सवाल यह है कि नेपाल की कमान अब किसे सौंपी जाएगी। इसी कड़ी में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। पहला है काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह (बालेन शाह) और नेपाल के वरिष्ठ नेता डॉ. शेखर कोईराला का।
26 सोशल मीडिया साइट्स (फेसबुक, व्हाट्सऐप, एक्स,यूट्यूब समेत) बैन
नेपाल सरकार ने 26 सोशल मीडिया साइट्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत) बैन कर दी थीं क्योंकि उन्होंने तय समय सीमा में नेपाल सरकार के पास रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। सरकार का दावा है कि यह कदम सिर्फ 'रेगुलेशन' के लिए था, लेकिन आम लोगों को आशंका है कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला और सेंसरशिप बढ़ेगी।
प्रदर्शनकारियों और विरोध की आवाजों को 'कठपुतली बताया
प्रधानमंत्री ओली ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार हमेशा 'अनियमितताओं और अहंकार का विरोध करेगी और किसी भी ऐसे कदम को स्वीकार नहीं करेगी जो राष्ट्र को कमजोर करता हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी सोशल मीडिया के खिलाफ नहीं है, 'लेकिन जो स्वीकार्य नहीं है वह यह है कि कुछ लोग नेपाल में व्यापार करें, पैसा कमाएं और फिर भी कानून का पालन न करें। वहीं, उन्होंने प्रदर्शनकारियों और विरोध की आवाजों को 'कठपुतली बताया, जो सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध कर रहे हैं'।
