PoK Protest: पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को ही कैद कर लिया और कंटेनरों को रास्तों से उखाड़ फेंका। मुजफ्फराबाद, रावलकोट सहित कई जिलों से भारी भीड़ और झड़पों की रिपोर्ट्स सामने आई हैं। विरोध प्रदर्शन उस वक्त उग्र हो गया जब पाकिस्तानी पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
पीओके में प्रदर्शन हुए उग्र
रावलाकोट और मीरपुर से जम्मू-कश्मीर आवामी एक्शन कमेटी (JKAAC) के काफिले डाडयाल के एंट्री प्वाइंट कोटली पहुंचे। ऐसे में प्रशासन ने पलक ब्रिज पर कंटेनर रखकर रास्ता रोकने की कोशिश की। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अवरोधक लगाए, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक हटा दिए और मुजफ्फराबाद की ओर मार्च जारी रखा।
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मोबाइल सेवाओं की हो बहाली
जेकेएएसी नेताओं ने मोबाइल सेवाओं की बहाली की मांग की और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो संचार टावर गिरा दिए जाएंगे। रावलाकोट में बड़ी जनसभा हुई, जहां कश्मीर और उसके प्राकृतिक संसाधनों पर मालिकाना हक के नारे लगे। रावलाकोट, जिसे पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी ISI लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का गढ़ बनाए हुए है, अब पाकिस्तान की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहा है और वहां पर बड़े पैमाने पर जन आंदोलन हो रहे हैं।
पुलिस जवानों को किया कैद
बाग में भी हिंसक झड़पें हुईं और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में पंजाब पुलिस के जवानों को कैद कर लिया। जेकेएएसी के वरिष्ठ नेताओं ने सभी जिलों के लोगों से एक अक्टूबर को मुजफ्फराबाद की ओर कूच करने की अपील की जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
