Marco Rubio met with UAE President: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए राजनयिक समझौतों पर चर्चा करना और खाड़ी देशों की सुरक्षा के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता को दोहराना था।
मार्को रुबियो ने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से की मुलाकात। ANI
दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ समझौता ज्ञापन, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से सुरक्षित पारगमन और क्षेत्र में शांति स्थापित करने पर चर्चा की। मार्को रुबियो ने यूएई को अमेरिका की तरफ से सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया। मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि जब तक इराक या अन्य जगहों से ईरान समर्थित प्रॉक्सी ग्रुप मिसाइल और ड्रोन हमले बंद नहीं करते, तब तक पश्चिम एशिया में स्थायी शांति संभव नहीं है।
ईरान को लेकर क्या बोले रुबियो?
उन्होंने ईरान से एक 'क्रांतिकारी आंदोलन' के बजाय एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने कहा, "अगर ईरान का लीडरशिप यह फैसला करता है कि वह आतंकवाद फैलाने वाले क्रांतिकारी आंदोलन के बजाय एक राष्ट्र बनना चाहता है, तो उसके पास अविश्वसनीय कारनामे करने का अवसर होगा।" उन्होंने आगे कहा कि ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियों पर प्रगति भविष्य में किसी भी राजनयिक सफलता के लिए जरूरी रहेगी।
लेबनान एक संप्रभु देश: रुबियो
इस बात पर जोर देते हुए कि लेबनान में युद्धविराम को लेकर चर्चा ईरान के साथ चल रही बातचीत से अलग है। रुबियो ने चेतावनी दी कि इराक से संचालित ईरानी समर्थक मिसाइल और ड्रोन हमलों के माध्यम से क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने साफ किया कि लेबनान एक संप्रभु देश है। रुबियो ने आगे कहा कि उन्होंने हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के साथ लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन से बात की थी और अमेरिकी अधिकारी वर्तमान में लेबनान में जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं।
