Nirmal Nimsdai Purja: ब्रॉड पीक (Broad Peak) दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी है, जो काराकोरम पर्वत श्रृंखला में K2 पर्वत से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान और चीन की सीमा पर स्थित है। इसकी ऊंचाई लगभग 8,047 से 8,051 मीटर है। इसे स्थानीय रूप से फाल्कन कांगड़ी भी कहा जाता है। लेकिन इसी ब्रॉड पीक पर हुए एक भीषण एवलांच में नेपाल मूल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल 'निम्सदाई' पुरजा की मौत हो गई।
पर्वतारोही निर्मल पुरजा (फाइल फोटो)
शनिवार को निम्सदाई फाउंडेशन ने आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की। फाउंडेशन के मुताबिक, इस हादसे में अभियान दल के कई अन्य सदस्य भी अपनी जान नहीं बचा सके। फाउंडेशन ने अपने फेसबुक पेज पर जारी बयान में कहा कि निर्मल पुरजा के साथ उनके भरोसेमंद क्लाइंबिंग पार्टनर और गाइड पुर बहादुर गुरंग (युक्ता) तथा निमा शेरपा भी इस त्रासदी का शिकार हुए हैं। संस्था ने मृतकों के परिजनों, दोस्तों और करीबियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस मुश्किल समय में परिवारों की निजता का सम्मान करने की अपील की।
कैसे याद किया जाएगा निर्मल को?
निम्सदाई फाउंडेशन ने कहा कि पर्वतारोहण की दुनिया ने अपने सबसे बेहतरीन और प्रेरणादायक पर्वतारोहियों में से एक को खो दिया है। निर्मल पुरजा को उनके साहस, नेतृत्व, विनम्रता और असाधारण दृढ़ संकल्प के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने अपने अभियानों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि इंसान अपनी क्षमता की सीमाओं को चुनौती देकर उन ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है, जिन्हें वह पहले असंभव मानता था।
कई संस्थानों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
फाउंडेशन के मुताबिक, पुरजा सिर्फ पर्वतारोहण की उपलब्धियों तक सीमित नहीं थे। उनका उद्देश्य लोगों को बड़े सपने देखने, खुद पर भरोसा रखने और अपनी सीमाओं को चुनौती देने के लिए प्रेरित करना था। उनके प्रयासों ने दुनिया भर के लाखों लोगों को अपने लक्ष्य हासिल करने का हौसला दिया। निर्मल पुरजा की सोच, नेतृत्व क्षमता और मेहनत ने Elite Exped, Nimsdai Foundation, Skydive Nimsdai और Nimsdai Store जैसे संस्थानों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फाउंडेशन ने कहा कि उनके द्वारा प्रेरित और प्रभावित किए गए लोगों के जरिए उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेगा।
6,600 मीटर की ऊंचाई पर हुआ हादसा
संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रभावित परिवारों के सम्मान में वह संबंधित अधिकारियों से पुष्ट जानकारी के अलावा इस घटना पर फिलहाल कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करेगी। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार को दोपहर के करीब हुआ। उस समय 10 सदस्यीय पर्वतारोहण दल करीब 6,600 मीटर की ऊंचाई पर 8,047 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक को फतह करने के लिए आगे बढ़ रहा था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह अभियान दल से संपर्क टूट गया था। इसके बाद शाम को क्षेत्र में बड़े हिमस्खलन की खबर सामने आई। इस त्रासदी ने पर्वतारोहण की दुनिया को गहरे सदमे में डाल दिया है।
