यूरोपीय संघ बल (EUFOR) के मुताबिक गुरुवार शाम बोस्निया और हर्जेगोविना में नियमित प्रशिक्षण के दौरान इटली का एक चिनूक सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में चार सैन्य कर्मियों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए।यह जानलेवा हादसा 29 अक्टूबर, 2026 को ब्रको (Brčko) के पास गोरिस (Gorice) सेक्टर में हुआ।
इटली का एक चिनूक सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त
EUFOR के पब्लिक अफेयर्स ऑफिस द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई है कि घायल हुए 11 कर्मियों की हालत स्थिर है और उन्हें चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
बयान के अनुसार, बोस्निया और हर्जेगोविना की स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और EUFOR की संपर्क एवं निगरानी टीम के सदस्य तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों को बचाया और उन्हें ब्रको के चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया। EUFOR ने पुष्टि की है कि इस घटना में कोई आम नागरिक घायल नहीं हुआ है और न ही नागरिकों के बुनियादी ढांचे, संपत्ति या वाहनों को कोई नुकसान पहुंचा है।
TIMES NOW Navbharat पर यह भी पढ़ें: बड़ा विमान हादसा, फिलीपींस में टकराए दो वायुसेना विमान, चार पायलटों की मौत
दुर्घटना का कारण अभी पता नहीं चल पाया है
इटली के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस घटना को गहरे दुख का क्षण बताया।उन्होंने कहा, 'इस गहरे दुख की घड़ी में, मेरी संवेदनाएं सबसे पहले हमारे शहीद हुए साथियों के परिवारों के साथ हैं। मैं उनके प्रति अपनी और पूरे रक्षा विभाग की ओर से संवेदना व्यक्त करता हूं।'क्रोसेटो ने आगे कहा, 'ऐसे गहरे नुकसान की भरपाई के लिए कोई शब्द नहीं हैं।'
यह हेलीकॉप्टर 'ऑपरेशन अल्थिया' के तहत तैनात था
प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए इस त्रासदी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों और शांति स्थापना अभियान में शामिल लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, 'मेरी संवेदनाएं पीड़ितों, उनके परिवारों और उन सभी लोगों के साथ हैं, जो इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के मिशन के तहत इस कठिन और दुखद समय से गुजर रहे हैं।'
यह हेलीकॉप्टर 'ऑपरेशन अल्थिया' के तहत तैनात था, जो बोस्निया और हर्जेगोविना में यूरोपीय संघ (EU) का एक सैन्य मिशन है। इस अभियान का काम 'डेटन शांति समझौते' के क्रियान्वयन की निगरानी करना है।
