ईरान परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका से सीधी बातचीत नहीं करेगा, बताते हैं कि इसे लेकर सर्वोच्च नेता खामनेई ने इनकार किया है।ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका के साथ सीधी परमाणु वार्ता को खारिज कर दिया है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र के परमाणु प्रतिबंधों को फिर से लागू करने की आशंका है।
'परमाणु कार्यक्रम' पर अमेरिका से सीधी बातचीत नहीं करेगा ईरान (फाइल फोटो:canva)
ईरान के सर्वोच्च नेता ने मंगलवार को अपने देश के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार कर दिया, जिससे तेहरान पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को फिर से लागू करने से रोकने के उनके अंतिम प्रयास पर विराम लग गया।
ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अयातुल्ला अली खामेनेई की टिप्पणी, संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा अमेरिका से किसी भी संभावित संपर्क को बाधित कर सकती है। इसके अलावा, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रतिबंधों को पुनः लागू करने के संबंध में फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के राजनयिकों के साथ बैठक की। ये प्रतिबंध रविवार से प्रभावी होंगे।
खामेनेई ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत 'पूरी तरह से गतिरोध' है। उन्होंने आगे कहा, 'अमेरिका ने बातचीत के नतीजों की घोषणा पहले ही कर दी है। नतीजा यह है कि परमाणु गतिविधियाँ और संवर्धन बंद हो गए हैं। यह कोई बातचीत नहीं है। यह एक हुक्म है, एक थोपा हुआ आदेश है।' जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने खामेनेई की टिप्पणी से पहले ही ईरान के साथ समझौते तक पहुंचने की संभावना को 'अत्यंत क्षीण' बताया था।
रिपोर्ट के अनुसार, वेडफुल ने कहा, 'ईरान वर्षों से वियना परमाणु समझौते के तहत अपने दायित्वों की अनदेखी कर रहा है।' उनका इशारा 2015 में वियना में ईरान और विश्व शक्तियों के बीच हुए परमाणु समझौते की ओर था, जिसका उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना था।
