France Child Abuse Case: फ्रांस में एक बहुत दुखद और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। पेरिस में छोटे बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न और हिंसा के आरोपों की जांच चल रही है। यह आरोप स्कूलों और डेकेयर केंद्रों में काम करने वाले मॉनिटरों (सहायकों) पर लगे हैं। ये मॉनिटर दोपहर के भोजन, खेल के समय, झपकी और स्कूल के बाद बच्चों की देखभाल (Child Safety in Schools) करते हैं।अभियोजकों के अनुसार, राजधानी पेरिस में 84 प्रीस्कूलों, करीब 20 प्राथमिक स्कूलों और लगभग 10 डेकेयर केंद्रों में जांच चल रही है। ये सहायक शिक्षक नहीं होते, बल्कि स्थानीय अधिकारियों द्वारा भर्ती किए जाते हैं।
पेरिस में स्कूल सहायकों पर गंभीर आरोप, बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
द गार्डियन के मुताबिक माता-पिता का आरोप है कि इनमें से कई ने बच्चों पर चिल्लाने, बाल खींचने, खाना न देने और यौन उत्पीड़न जैसी गंभीर घटनाएं कीं। कई माता-पिता ने शिकायत करने के लिए लंबा संघर्ष किया। इस मामले में पहला बड़ा मुकदमा इस सप्ताह शुरू हुआ है। डेविड जी. नाम के 36 वर्षीय स्कूल सहायक पर सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच 3 से 5 साल के पांच छोटे बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है। उन पर दो महिला सहकर्मियों के साथ भी बदतमीजी का आरोप लगा है। आरोपी ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
पेरिस में माता-पिता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे
पुलिस ने बच्चों से गवाही ली है, जिन्होंने अपने शब्दों में अनुचित स्पर्श की बात बताई। माता-पिता ने बताया कि उनके बच्चे स्कूल जाने से डरने लगे थे। द गार्डियन के अनुसार एक तीन साल के बच्चे ने स्कूल में घुसते ही रोना शुरू कर दिया था। वकीलों का कहना है कि कई परिवारों के बच्चों में गंभीर मानसिक आघात के लक्षण दिख रहे हैं। इस घोटाले के बाद पेरिस में माता-पिता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। वे बच्चों के खिलाफ अपराध में सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।
10 साल तक की जेल और 1,50,000 यूरो तक का जुर्माना
अगर आरोपी दोषी पाया गया तो उसे 10 साल तक की जेल और 1,50,000 यूरो तक का जुर्माना हो सकता है। पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोइरे ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का वादा किया है। अधिकारियों ने 2026 के पहले तीन महीनों में 78 स्कूल सहायकों को निलंबित कर दिया है, जिनमें 31 पर यौन शोषण का संदेह है। आने वाले महीनों में और मुकदमे होने की उम्मीद है। माता-पिता अब चाहते हैं कि बच्चों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाए। यह घटना पूरे देश के लिए एक बड़ी चेतावनी बन गई है।
