इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में कैप्टन पर हमला करने और विमान के कंट्रोल पर कब्जे की कोशिश करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, वह ओमान का नागरिक है और उसे पहले ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। उस पर कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों को लेकर चिंता थी।
फ्लाईदुबई फ्लाइट में ओमानी को-पायलट की हुई पहचान
कॉकपिट में कुल्हाड़ी से किया हमला
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इस मामले की जांच कर रहा है। UAE के मुताबिक, बुधवार को को-पायलट ने कॉकपिट में रखी क्रैश एक्स से कैप्टन पर हमला किया और विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। जांच अधिकारियों ने इसे ‘आतंकी हमला’ बताया है। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। फ्लाइट में 182 लोग सवार थे। स्थिति बिगड़ने पर कुछ यात्री और अन्य लोग कॉकपिट में पहुंचे और को-पायलट को काबू में किया।
कैप्टन ने घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हुए। कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि हमले से कुछ समय पहले को-पायलट ने नमाज पढ़ने की बात कही थी। उन्होंने सम्मान के चलते दूसरी ओर मुंह कर लिया। कुछ मिनट बाद उनके सिर के पीछे वार किया गया और इसके बाद लगातार हमले होते रहे। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद विमान में मौजूद लोगों ने को-पायलट को काबू करने में मदद की और फ्लाइट को संभालने की कोशिश की।
सऊदी अरब में हुई विमान की इमरजेंसी लैंडिंग
विमान को गंभीर स्थिति में सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। विमान इतनी तेजी से नीचे आया था कि उसके रडर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। फ्लाईदुबई के मुताबिक, विमान में मौजूद क्रू के अन्य सदस्यों ने फ्लाइट को स्थिर करने और लैंडिंग में मदद की। बाद में कैप्टन और को-पायलट को UAE ले जाया गया। विमान में सवार ज्यादातर इजरायली यात्रियों को बुधवार को दूसरी फ्लाइट से वापस भेजा गया।
ओमान एयर ने पहले उड़ान से रोका था
क्षेत्रीय अधिकारियों और मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, हमाम अल-हम्मामी को ओमान एयर ने पहले उड़ान भरने से रोक दिया था। अधिकारियों ने बताया कि उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर चिंता थी और उसे ओमान एयर में प्रशासनिक काम दे दिया गया था। इसके बाद उसने UAE की एयरलाइन फ्लाईदुबई में नौकरी की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लाईदुबई ने उसकी भर्ती से पहले कितनी गहराई से जांच की थी। एक अधिकारी के मुताबिक, भर्ती के समय सामान्य सुरक्षा जांच की गई थी।
चार देशों की सुरक्षा एजेंसियां जांच में शामिल
मामले की जांच में क्षेत्र के चार देशों की सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं। अमेरिका और कुछ पश्चिमी देश भी जांच में मदद कर रहे हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, अभी तक जांच में किसी आतंकी संगठन से को-पायलट के संबंध सामने नहीं आए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि उसने कथित तौर पर अकेले ही यह कदम उठाया हो सकता है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा था कि को-पायलट का ‘इस्लामिस्ट रेडिकलाइजेशन’ हुआ था। हालांकि, उन्होंने इसके समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया।
सोशल मीडिया अकाउंट भी हुआ डिलीट
जांच के दौरान को-पायलट की पृष्ठभूमि को लेकर कई जानकारियां सामने आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, वह UAE में पैदा हुआ था और उसकी मां सीरियाई हैं। उसे अपने पिता की ओर से ओमानी नागरिकता मिली। उसने सीरिया की यात्रा भी की थी, हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। उसका इंस्टाग्राम अकाउंट फ्लाइट वाले दिन तक सक्रिय था, लेकिन उसी दिन डिलीट कर दिया गया।
कैप्टन से नेतन्याहू ने की बात
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने शनिवार को कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की और उनकी बहादुरी की तारीफ की। नेतन्याहू ने कहा कि मुश्किल हालात में शांत रहने और इतने लोगों की जान बचाने की उनकी क्षमता से वह प्रभावित हैं। वहीं, एविएशन सिक्योरिटी विशेषज्ञों के मुताबिक अलग-अलग देशों में पायलटों की बैकग्राउंड जांच के नियम अलग होते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी जांच में कई सीमाएं होती हैं। फ्लाईदुबई ने कहा है कि इस समय कई सवालों के जवाब बाकी हैं और उसने मामले पर अपनी आधिकारिक जानकारी से आगे टिप्पणी नहीं की है।
