ऑस्ट्रेलिया में चल रहे एक विशाल धूल भरे तूफान ने सिडनी को घने धुंध में ढंक दिया है। सिडनी में धूल भरी आंधी के कारण अंधेरे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिससे स्वास्थ्य संबंधी अलर्ट जारी किए गए हैं। न्यू साउथ वेल्स स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ने मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में बहुत खराब वायु गुणवत्ता के लिए अलर्ट जारी किया गया, क्योंकि दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में धूल भरी तेज हवाओं के कारण धुंध छा गई है।
क्यों पैदा हुई ऐसी स्थिति
विशेषज्ञों ने कहा कि यह घटना मौसम के बदलते पैटर्न और भूमि क्षरण के प्रति ऑस्ट्रेलिया की संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी में विजिटिंग फेलो मिल्टन स्पीयर के अनुसार, दीर्घकालिक वायुमंडलीय परिवर्तन दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में सूखे और पूर्वी तट पर भारी बारिश दोनों में योगदान दे रहे हैं।
गंभीर सूखे की चपेट में रहा है ऑस्ट्रेलिया
मैक्वेरी यूनिवर्सिटी के पॉल बेग्स ने कहा कि इस तरह की घटना दीर्घकालिक जलवायु प्रवृत्तियों को दर्शाती है। शोध से पता चलता है कि 2014 से 2023 तक, ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भाग में 1950 के दशक की तुलना में अधिक गंभीर सूखा पड़ा है, जिसका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। दक्षिणी क्रॉस विश्वविद्यालय के मृदा विशेषज्ञ जॉन ग्रांट ने इस घटना के बाद इसके दीर्घकालिक क्षति की चेतावनी दी। यह धूल भरा तूफ़ान पश्चिमी विक्टोरिया और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में उत्पन्न हुआ, जहां सूखी, भुरभुरी मिट्टी का कटाव हो रहा है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
ग्रांट ने कहा, ऐसे में तेज हवा की वजह से होने वाले कटाव से मिट्टी का सबसे उपजाऊ हिस्सा नष्ट हो जाता है। इससे न केवल उत्पादकता कम होती है, बल्कि भूमि के फिर से कटाव की संभावना भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा- "इसकी वजह से समस्या बढ़ती जा रही है (ऐसा कहा जा सकता है)। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव इस प्रक्रिया को और बढ़ा रहे हैं।"
IANS की रिपोर्ट
