बार-बार सुरक्षा चूक के चलते पाकिस्तान में चीनी निवेश खतरे में, रिपोर्ट में खुलासा

'यूरोप वायर' के लिए लिखते हुए ग्रीस की वकील, लेखिका और पत्रकार दिमित्रा स्टाइको ने कहा कि चीन अब केवल 'स्थिरता' के सामान्य आश्वासनों से आगे बढ़ चुका है और ज़मीन पर ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहा है।

चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) और 'भाईचारे' की बयानबाजी भी तब तक क्षेत्र में चीनी निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, जब तक पाकिस्तान जिहादी और अलगाववादी संगठनों का गढ़ बना रहेगा। मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में यह गंभीर चेतावनी दी गई है।

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पाकिस्तान में चीनी निवेश खतरे में (फाइल फोटो)

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि बीजिंग ऐतिहासिक अनुभवों की अनदेखी करता रहा, तो उसे तैनात सैनिकों के बजाय अपने नागरिकों की मौत, ठप पड़ती परियोजनाओं और वैश्विक छवि में दरार जैसी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

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