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चीन ने प्रशांत महासागर में किया बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण, टेस्ट से पहले चली चाल, कई देशों ने किया विरोध

शिन्हुआ की खबर में कहा गया कि यह प्रक्षेपण नियमित वार्षिक प्रशिक्षण का हिस्सा है जो अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है और यह किसी देश के खिलाफ नहीं था। इस खबर को रक्षा मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पर दोबारा साझा किया गया।

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चीन ने किया बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण (File photo)

Photo : AP

China Test-Launches Ballistic Missile: चीन की सेना ने सोमवार को दक्षिण प्रशांत महासागर में अपनी परमाणु संचालित पनडुब्बी से लंबी दूरी तक प्रहार करने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। कई देशों ने इसका विरोध करते हुए चिंता जताई है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार, मिसाइल का प्रक्षेपण दोपहर 12 बजकर एक मिनट पर किया गया और यह एक डमी हथियार से लैस थी।

कहा- किसी देश के खिलाफ नहीं परीक्षण

चीन ने करीब दो साल पहले प्रशांत महासागर में मिसाइल परीक्षण किया था, तब एक डमी हथियार से लैस अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी। शिन्हुआ की खबर में कहा गया कि यह प्रक्षेपण नियमित वार्षिक प्रशिक्षण का हिस्सा है जो अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है और यह किसी देश के खिलाफ नहीं था। इस खबर को रक्षा मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पर दोबारा साझा किया गया।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने की आलोचना

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इस परीक्षण की आलोचना की है। न्यूजीलैंड सरकार ने कहा कि उसे इस नियोजित प्रक्षेपण की जानकारी कुछ घंटे पहले दे दी गई थी और उसने इस पर ध्यान आकर्षित किया कि मिसाइल को दक्षिण प्रशांत महासागर के परमाणु मुक्त क्षेत्र में दागा गया था। दक्षिण प्रशांत महासागर का यह परमाणु-मुक्त क्षेत्र 1986 की रारोतोंगा संधि के तहत स्थापित किया गया था, जिसके तहत पूरे क्षेत्र में परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध है। चीन ने 1987 में इस संधि के प्रोटोकॉल का अनुमोदन करते हुए यह संकल्प जताया था कि वह इस क्षेत्र में परमाणु हथियारों का परीक्षण नहीं करेगा और न ही इस क्षेत्र में क्षेत्राधिकार रखने वाले संधि-हस्ताक्षरकर्ता देशों के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी देगा।

चीन ने सूचना देने के कुछ ही घंटों में किया परीक्षण

न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने द एसोसिएटेड प्रेस से कहा, ऐसा लगता है कि इस तरह की गतिविधियों को लेकर लंबे समय से हमारी ओर से जताई जा रही चिंताओं के बावजूद चीन ने हमें सूचना देने के कुछ ही घंटों के भीतर यह परीक्षण कर दिया। यह प्रक्षेपण उसी दिन हुआ, जिस दिन ऑस्ट्रेलिया और फिजी ने एक नए पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करना है। मिसाइल परीक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने फिजी में संवाददाताओं से कहा, ऑस्ट्रेलिया ने चीन को स्पष्ट कर दिया है कि हम इस तरह की गतिविधि को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक मानते हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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