Trump in UNGA: 'यूक्रेन में रूस के युद्ध के मुख्य वित्तपोषक चीन और भारत हैं' संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अगर वह उस समय राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते हुए कहा कि चीन और भारत रूसी तेल खरीद कर यूक्रेन में चल रहे रूसी संघर्ष के 'प्राथमिक वित्तपोषक' हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप ने बड़ा दावा किया है (फोटो:X)
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, 'चीन और भारत रूसी तेल खरीद कर इस युद्ध को वित्तपोषित करने वाले मुख्य देश हैं।' उन्होंने 'सात महीनों में सात युद्ध' के अपने दावे को भी दोहराया।
ट्रंप ने कहा कि यदि वह उस समय राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता।
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी, संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पहली बार, उनके प्रशासन द्वारा रूसी तेल की खरीद के लिए नई दिल्ली पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के कुछ सप्ताह बाद आई है, जिससे टैरिफ बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है, जो दुनिया में सबसे अधिक है।
'7 जंग रुकवाईं' बोले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने 7 जंग रुकवाईं। दावा किया कि उन्होंने कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, कांगो और रवांडा, पाकिस्तान और भारत, इजराइल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, आर्मेनिया और अजरबैजान जंग को खत्म कराया। ट्रंप ने कहा, "हर कोई कहता है कि मुझे इन कामयाबियों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए, लेकिन मेरे लिए, असली पुरस्कार यह है कि लाखों लोग अब जंग में नहीं मारे जा रहे हैं।" बोले, “मुझे इनाम की नहीं, बल्कि जान बचाने की परवाह है।'
डोनाल्ड ट्रंप ने भाषण की शुरुआत अपने कार्यकाल के पहले आठ महीनों की 'सबसे बड़ी उपलब्धियों' से की। उन्होंने कई कारण गिनाए कि क्यों उन्हें लगता है कि अमेरिका अपने 'स्वर्णिम युग'में है। ट्रंप ने अपनी विदेश नीति से जुड़े किसी भी काम में मदद न करने के लिए संगठन की आलोचना की।
'किसी भी खतरनाक देश के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए'
अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभाको संबोधित कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 2020 में आखिरी बार राष्ट्रपति रहते संबोधित किया था।ईरान के 12 दिनी युद्ध का जिक्र करते हुए कहा। वहां हमने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के जरिए ईरानी परमाणु संयंत्रों को तबाह कर दिया। मेरा मानना है कि किसी भी खतरनाक देश के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। ये भी कहना चाहूंगा जैसे हमने किया वैसे कोई और नहीं कर सकता था।
फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले देशों को निशाने पर लेते हुए ट्रंप ने कहा, 'कुछ लोग एकतरफा तरीके से फिलिस्तीन को मान्यता देना चाह रहे हैं। लेकिन ऐसा करने का मतलब हमास को इनाम देना होगा। हमास ने बार-बार शांति की कोशिशों को ठुकराया है। हमें बंधकों को वापस लाना होगा। हम सभी 20 को वापस चाहते हैं। हम दो और चार नहीं चाहते।'
