तो लड़ाकू बलों में 'बच्‍चों' की भर्ती करता है पाकिस्‍तान! अमेरिका ने लिया एक्‍शन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 3, 2021, 09:18 AM IST

अमेरिका ने पाकिस्तान को बाल सैनिकों को भर्ती करने वाले देशों की सूची में डाल दिया है। इसके तहत उस पर कुछ सुरक्षा सहायता और सैन्य उपकरणों के व्यावसायिक लाइसेंसीकरण पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

तो लड़ाकू बलों में 'बच्‍चों' की भर्ती करता है पाकिस्‍तान! अमेरिका ने लिया एक्‍शन

वाशिंगटन/ इस्लामाबाद : अमेरिका ने बाल सैनिक सुरक्षा रोकथाम कानून की एक सूची में 14 अन्य देशों के साथ पाकिस्तान को शामिल किया है। यह कानून ऐसे देशों की पहचान करता है जहां सरकार समर्थित सशस्त्र समूह बाल सैनिकों की भर्ती करता है या उनका इस्तेमाल करता है। पाकिस्तान को इस सूची में शामिल किए जाने से उसपर कुछ सुरक्षा सहायता और सैन्य उपकरणों के व्यावसायिक लाइसेंसीकरण पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

अमेरिका बाल सैनिक रोकथाम कानून (सीएसपीए) व्यक्तियों की तस्करी (टीआईपी) संबंधी वार्षिक रिपोर्ट में उन अन्य देशों की सूची प्रकाशित करने को आवश्यक बनाता है जिन्होंने पिछले साल (एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक) बाल सैनिकों को भर्ती किया हो या उनका इस्तेमाल किया हो। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की वार्षिक टीआईपी सूची में शामिल किए गए देशों में पाकिस्तान, तुर्की, अफगानिस्तान, म्यांमा, कांगो, ईरान, इराक, लीबिया, माली, नाइजीरिया, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, सूची में जिन देशों को शामिल किया गया है, उनपर अगले वित्त वर्ष में कुछ सुरक्षा सहायताओं और सैन्य उपकरण के व्यावसायिक लाइसेंसीकरण पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

कौन होते हैं बाल सैनिक?

'बाल सैनिक' का अर्थ है 18 साल से कम उम्र का कोई भी ऐसा व्यक्ति जो युद्ध में सीधे भाग लेता है या जिसे सरकारी सशस्त्र बलों, पुलिस या अन्य सुरक्षाबलों में जबरन भर्ती किया गया हो। इसका मतलब 15 साल से कम उम्र के उस व्यक्ति से भी है जो स्वेच्छा से सरकारी सशस्त्र बलों, पुलिस या अन्य सुरक्षाबलों में भर्ती हुआ हो। सीएसपीए सूची में शामिल देशों पर अंतराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण, विदेश सैन्य वित्तपोषण, शांति मिशन आदि के तहत सहायता पर रोक लगाता है।

पाकिस्तान ने शुक्रवार को अमेरिका द्वारा सीएसपीए सूची में उसे शामिल किए जाने को 'बेबुनियाद' करार दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम बाल सैनिक रोकथाम अधिनियम सूची में बिना किसी सबूत और आधार के पाकिस्तान को शामिल किए जाने को खारिज करते हैं।'

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