Israel-Iran Conflict: इजरायल और ईरान के बीच चल रहे ड्रोन्स और मिसाइल हमलों के बीच अमेरिका की एंट्री हुई। अमेरिका ने रविवार तड़के ईरान के तीन परमाणु स्थलों को निशाना बनाया और जमकर बमबारी की। इस दौरान अमेरिका ने ईरान पर 14 बंकर बस्टर बम बरसाए जिससे पाताल में छिपा दुश्मन भी नहीं बच सकता है। पेंटागन ने इस हमले की एक-एक जानकारी साझा की है तो चलिए उसके बारे में विस्तार से समझते हैं।
अमेरिकी बमबारी से दहला ईरान
ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ेगी जंग?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने रविवार को साफ किया कि अमेरिका ईरान के साथ 'युद्ध नहीं चाहता है'। हेगसेथ और 'ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ' के अध्यक्ष एयरफोर्स जनरल डैन केन ने पेंटागन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि इस मिशन का नाम "ऑपरेशन मिडनाइट हैमर" था। उन्होंने कहा कि इसमें दुश्मन को भ्रम में डालने की रणनीति और नकली लक्ष्य इस्तेमाल किए गए तथा इसे ईरान की ओर से किसी प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा।
ईरान के 3 परमाणु स्थल तबाह
हेगसेथ ने कहा कि यह मिशन सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं था और न ही है। इस दौरान केन ने अभियान का लक्ष्य भी बताया और कहा कि फोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान में परमाणु स्थलों को नष्ट करना करना ही हमारा प्रमुख लक्ष्य था। केन ने कहा कि अंतिम युद्ध क्षति (के आकलन) में कुछ समय लगेगा, लेकिन प्रारंभिक आकलन से संकेत मिलता है कि तीनों ठिकानों को अत्यधिक गंभीर क्षति पहुंची है और तबाही झेलनी पड़ी है।
अमेरिकी बमबारी से दहला ईरान
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर में 14 बंकर बस्टर बम, दो दर्जन से ज्यादा टॉमहॉक मिसाइलें और 125 से अधिक सैन्य विमान शामिल थे। केन का मानना है कि ईरान के तीनों परमाणु स्थलों में भारी तबाही हुई है, लेकिन उन्होंने यह अनुमान लगाने से इनकार कर दिया कि क्या ईरान की कोई परमाणु क्षमता अभी भी बरकरार है।
इजरायल पर पलटवार
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने इजरायल पर पलटवार किया और मिसाइलों की बौछार लगा दी जिसमें कई लोग घायल हो गए और तेल अवीव में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
अमेरिकी बमबारी से दहला ईरान
हाई अलर्ट पर अमेरिकी सैन्य बल
केन ने बताया कि अमेरिकी सैन्य बल ईरान के किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं और वह हाई अलर्ट पर हैं। हालांकि, बीते दिनों हूती विद्रोहियों ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ हमले में इजरायल का साथ देता है कि हम लाल सागर में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाएंगे।
