Viral News: दिल्ली के एक शख्स द्वारा पूछा गया सवाल इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। शख्स का सवाल था कि, 'भारत में डिशवॉशर लोकप्रिय क्यों नहीं हुए?’ जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चर्चा शुरू हुई। कई लोगों ने एक्स पर पोस्ट के कमेंट सेक्शन में जाकर इस वजहें बताईं। इसमें उपकरण की अत्यधिक लागत, मेंटेनेंस, साइज की सीमा और बर्तन लोड करने से पहले उन्हें धोने की आवश्यकता समेत कई बातों का जिक्र किया गया। कई लोगों ने इसके विपरीत घरेलू सहायक को काम पर रखना सस्ता बताया और कहा कि वो बर्तन धोने और उन्हें व्यवस्थित करने जैसी कई सेवाएं देता है।
इस सवाल से इतर एक अन्य प्रचलित धारणा यह है कि डिशवॉशर भारतीय खाना पकाने की पद्धति और बर्तनों के लिए अनुपयुक्त हैं, क्योंकि भारतीय भोजन में अक्सर पर्याप्त तेल और बर्तन में अनोखी डिजाइन बनी होती है। इसके अतिरिक्त कुछ यूजर्स ने भारतीयों में नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने के प्रति सामान्य अनिच्छा की ओर भी ध्यान दिलाया। एक यूजर ने बताया, 'खरीदने की लागत, चलाने की लागत, चलाने के लिए जगह। फिर भी पहले खुद बर्तन धोना पड़ता है, जबकि घर की मदद से बर्तन धोना सस्ता है / शुरुआती अवसर लागत न्यूनतम है, भले ही इसमें ओवरटाइम लगे, जगह की कोई समस्या नहीं है। घर की मदद आपके लिए बर्तन धोएगी और व्यवस्थित करेगी।'
दिल्ली के शख्स के सवाल पर कई अन्य यूजर्स ने भी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, 'कैबिनेट स्पेस भी बहुत है + भारत के कई हिस्सों में अभी भी 24 घंटे बिजली नहीं मिलती।' दूसरे ने कहा कि, 'सस्ते श्रम की उपलब्धता। आप बर्तन धोने के लिए कम वेतन वाली महिला को काम पर रख सकते हैं। मेरे परिवार के पास एक दशक से भी अधिक समय से डिशवॉशर है और मैं आपको बता दूं- इंसानों के लिए बर्तन इतने चमकदार और साफ बनाना असंभव है।' तीसरे एक यूजर ने कहा कि, 'क्योंकि वे अभी तक भारतीय बर्तनों के लिए ठीक से डिज़ाइन नहीं किए गए हैं, जो विभिन्न आकारों के होते हैं, भारतीय तेल / मसाले के दाग ठीक से नहीं धुलते हैं।'
