Viral Post: सोशल मीडिया पर एक दक्षिण भारतीय व्यक्ति का रिएक्शन इन दिनों काफी वायरल हो रहा है। इसमें उत्तर भारत खासकर दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में दो दिन की यात्रा के अपने अनुभव को दिखाया गया है। तमिलनाडु से आने वाले इस व्यक्ति ने राष्ट्रीय राजधानी में सस्ती कैब राइड के बारे में बहुत कुछ बताया और हालांकि मौसम गर्म था, लेकिन उनको दिल्ली का इतिहास और इसकी मेट्रो सेवाएं पसंद आईं। r/delhi सबरेडिट में पोस्ट करते हुए ओपी ने लिखा, 'तमिलनाडु से दिल्ली दो दिनों के लिए आया था। चेन्नई की तुलना में दिल्ली में रैपिडो बहुत सस्ती है। सचमुच बहुत सस्ती। मैं हैरान रह गया। जहां तक राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण रत्न, दिल्ली मेट्रो का सवाल है यह पूरी तरह से स्वच्छ, तेज और आसानी से चलने वाली है इसका रखरखाव जिस तरह से किया जाता है, उसके लिए मैं बहुत सम्मान करता हूं।'
ओपी को ई-रिक्शा का भी अनुभव था। उन्होंने कहा कि, 'उस इलेक्ट्रिक ऑटो जैसे वाहन का क्या नाम है? यह आम ऑटो से छोटा और हल्का दिखता है और हर जगह दिखाई देता है। सड़कों पर चींटियों की तरह भीड़ लगा रहता है। उन्होंने कहा कि भारत के उत्तरी हिस्से के मंदिर दक्षिण के मंदिरों से बहुत अलग हैं। रात में भी मैंने लोगों को रोहिणी के पास गाते या पूजा करते देखा है। जहां तक खराब बातों की बात है, तो ओपी को दिल्ली की शुष्क गर्मी, प्रदूषण, लगातार हॉर्न बजाना और मांसाहारी भोजन की सीमित उपलब्धता पसंद नहीं आई। यह उत्तर भारत की मेरी पहली यात्रा थी और यह निश्चित रूप से एक आंख खोलने वाला अनुभव था। सब कुछ अच्छा या बुरा नहीं था, बस...अलग था।'
यह पोस्ट तुरन्त वायरल हो गई और इसे सैकड़ों अपवोट और कमेंट्स आए। इनमें से अधिकांश लोग इसके बिंदुओं से सहमत थे। एक यूजर ने लिखा, 'रोहिणी का जिक्र होने की मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। बहुत खुशी हुई। जबकि दूसरे ने कहा, 'यह ईमानदार और सटीक अनुभव है। खुशी है कि आपको मजेदार सफर का अनुभव हुआ। जल्द ही फिर से आऊंगा।' तीसरे ने टिप्पणी की, 'एक बात जो मैं हमेशा दूसरे शहरों से आने वाले लोगों से कहता हूं... दिल्ली एक ऐसा शहर है जो अंततः आपको पसंद आएगा। आपको समय देना होगा। देश भर से लोग नौकरी और आजीविका के लिए दिल्ली आते हैं, जिनमें मैं भी शामिल हूं। आपकी टिप्पणियाँ गलत नहीं थीं... हर शहर अच्छे और बुरे का मिश्रण होता है।' चौथे ने कहा- 'यार, तुमने दो दिन की यात्रा में ही बहुत कुछ कर दिखाया, और बहुत चौकस भी।'
