भारत का यह शहर कहलाता है ‘पहलवानों का शहर’, जहां हर गली में है अखाड़ा!

Kolhapur wrestling city: महाराष्ट्र का कोल्हापुर शहर भारत में “पहलवानों का शहर” के रूप में प्रसिद्ध है। यहां सैकड़ों अखाड़ों में आज भी पारंपरिक कुश्ती की ट्रेनिंग दी जाती है, और इस परंपरा को छत्रपति शाहू महाराज ने मजबूत बनाया था।

Kushti Capital India: महाराष्ट्र का Kolhapur शहर पूरे भारत में “पहलवानों का शहर” या “कुश्ती की राजधानी” के नाम से जाना जाता है। यहां कुश्ती सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। शहर में आज भी सैकड़ों अखाड़े, जिन्हें स्थानीय भाषा में “तालीम” कहा जाता है, सक्रिय हैं। इन अखाड़ों में हर रोज सुबह और शाम पहलवान कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ अभ्यास करते हैं।

Kushti ka Shehar

कोल्हापुर क्यों कहलाता है कुश्ती की राजधानी? (Photo: iStock)

कोल्हापुर की कुश्ती परंपरा (Kolhapur wrestling city) की सबसे खास बात यहां की मिट्टी है। अखाड़ों में इस्तेमाल होने वाली लाल मिट्टी को घी और हल्दी के साथ तैयार किया जाता है, जिससे यह शरीर के लिए सुरक्षित और मजबूत बनती है। यहां के पहलवान (pehlwano ka shehar) पारंपरिक तरीके से ट्रेनिंग करते हैं, जिसमें दंड-बैठक, पत्थर उठाना और रस्सी चढ़ना जैसी कठिन एक्सरसाइज शामिल होती हैं। यही वजह है कि यहां के पहलवान अपनी ताकत और सहनशक्ति के लिए जाने जाते हैं।

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