Interesting Facts: पेड़ या फैक्ट्री, आखिर कहां से निकलता है साबूदाना, यकीनन नहीं जानते होंगे आप

साबूदाना कहां से आता है, क्या आपको इस बारे में पता है। कई लोगों को लगता है कि साबूदाना किसी फसल से निकलता है, मगर इसके पीछे का सच जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

Interesting Facts: आपने अपने व्रत के दौरान साबूदाना तो जरूर खाया होगा। अक्सर लोग अपने व्रत में साबूदाने की खिचड़ी, खीर या वड़ा खाते हैं। मगर क्या आपके दिमाग में यह बात कभी आई कि आखिर ये साबूदाना आता कहां से है? क्या इसे फैक्ट्री में बनाया जाता है या फिर इसके कोई खास पेड़-पौधा होता है। बहुत से लोगों को यह लगता है कि यह कोई दाल या बीज होगा। मगर सच थोड़ा हटके हैं, जिसे जानने के बाद आपका दिमाग सन्न रह जाएगा। वैसे साबूदाने को देखकर यह बिल्कुल नहीं लगता कि ये पेड़-पौधे पर उगता होगा। कई लोगों को यह लगता है कि इसे फैक्ट्री में किसी दूसरे फसल से तैयार किया जाता है तो आखिर में साबूदाना आता कहां से है? आज हम यही जानेंगे।

Interesting Facts from where sabudana comes from

साबूदाना (सांकेतिक तस्वीर, Image Credit - iStock)

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कहां से आता है साबूदाना

सबसे पहले तो आप यह कंफर्म हो जाइए कि साबूदाना सीधे किसी फैक्ट्री से नहीं बल्कि एक पेड़ से निकलता है। अब यह कौन से पेड़ से निकलता है यह भी जान लीजिए। दरअसल, साबूदाना सागो पाम (Sago Palm) नाम के पेड़ से निकलता है। सागो पाम किसी ताड़ के पेड़ की तरह ही होता है और यह इंडोनेशिया, मलेशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में पाया जाता है।

सागो पाम पेड़, जिससे साबूदाना निकाला जाता है (Image Credit - iStock)

इस पेड़ से निकलता है साबूदाना

साबूदाने को सागो पाम नामक पेड़ के तने से निकलने वाले गूदे से तैयार किया जाता है। जो गूदा सागो पाम नाम के पेड़ से निकलता है, जिससे साबूदाना तैयार होता है, उसे टैपिओका रूट (Tapioca Root) कहा जाता है। टैपिओका रूट को कसावा नाम से भी जाना जाता है। इसे निकालने के लिए इस पेड़ के तने को बीचोंबीच चीरकर उसमें से उसका गूदा निकाल लिया जाता है। फिर उसे पीसकर उसका पाउडर बनाया जाता है।

साबूदाना (सांकेतिक तस्वीर, Image Credit - iStock)

कैसे बनाया जाता है इसे

जब पाउडर बनकर तैयार हो जाता है तो उसे एक छन्नी से छान लिया जाता है और उसे पानी के साथ मिलाकर गर्म किया जाता है। गर्म होने के बाद उसे मशीन में डालकर दानेदार बनाया जाता है। जिसके बाद इस दाने को सुखाकर उसे मशीन में प्रोसेस करके सफेद और चमकदार साबूदाना तैयार किया जाता है, जो हमें बाजार में मिलता है। भारत में साबूदाना बहुत कम बनता है, इसे ज्यादातर आयात ही किया जाता है। आयात करने के बाद इसे मशीन में प्रोसेस करके बनाया जाता है, इसलिए ये सीधेतौर पर हमें किसी पेड़ पर उगते हुए नहीं दिखता है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

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