Gopalpur Muktkeshi Vidyalaya: स्कूल का नाम सुनते ही सभी को अपना बचपन याद आ जाता है न। वो स्कूल में की गई मस्ती, दोस्तों संग घूमने के लिए स्कूल बंक मारना और बेसब्री से संडे का इंतजार करना। अरे भाई.. संडे को छुट्टी जो मिलती है। लेकिन सोचिए जरा, अगर आपको संडे की छुट्टी ना मिले तो आपको कैसा लगेगा? ये अटपटा सवाल है, आप सोच रहे होंगे कि हर जगह संडे को ही ऑफ होती है तो फिर ऐसा सवाल क्यूं?
गोपालपुर मुक्तकेशी विद्यालय (Image Credit: Facebook)
दरअसल, पश्चिम बंगाल में एक ऐसा स्कूल है, जहां बच्चे रविवार के दिन भी स्कूल जाते हैं और पढ़ाई करते हैं। जी हां, बंगाल के पूर्वी बर्धमान ज़िले में स्थित गोपालपुर मुक्तकेशी विद्यालय (Gopalpur Muktakeshi Vidyalaya) एक ऐसा स्कूल है, जहां रविवार के दिन स्कूल खुला (School Open On Sunday) रहता है। इसके बदले इस स्कूल में सोमवार को छुट्टी होती है। और हां, ये कोई 10 या 20 साल पुराना स्कूल नहीं है। बल्कि 101 साल पुराना स्कूल है, जहां शुरू से यही नियम चला आ रहा है।
संडे को बंद रहता है गोपालपुर मुक्तकेशी विद्यालय
ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ संघर्ष की पहचान है यह स्कूल
यह देश का एकमात्र ऐसा स्कूल है, जहां संडे के दिन पढ़ाई होती है। यह स्कूल कोलकाता शहर से 73 किलोमीटर की दूरी पर गोपालपुर गांव (बर्धमान) में स्थित है, जिसकी स्थापना 5 जनवरी 1922 को 13 छात्रों के साथ की गई थी। स्कूल का नाम देवी दुर्गा के अवतार देवी मुक्तकेशी के नाम पर रखा गया है। दरअसल, गोपालपुर मुक्तकेशी विद्यालय की ये परंपरा ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ़ संघर्ष की पहचान है।
ब्रिटिश शासन के विरोध में रविवार को स्कूल खोलने की परंपरा
इस स्कूल को खोलने के लिए जिन जमींदारों ने 3.3 एकड़ जमीन दी थी, उन्हीं दो जमींदारों (अभिनाश चंद्र हलदर और बिजॉयकृष्ण कुमार) ने ही ब्रिटिश शासन के विरोध में रविवार को स्कूल खोलने की परंपरा की नींव रखी थी। अपने इसी अनोखेपन को लेकर यह स्कूल न सिर्फ कोलकाता में बल्कि पूरे देश में जाना जाता है। इस ऐतिहासिक स्कूल के पहले प्रधानाध्यापक भूपेंद्रनाथ नायक थे, जो एक स्वतंत्रता सेनानी थे।
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