क्या सच में पाकिस्तान ने लॉन्च की साइकिल एंबुलेंस? जानें क्या है Viral Video की पूरी सच्चाई

Pakistan की 'साइकिल एंबुलेंस' का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिसे देखने के बाद लोग पाकिस्तान की फजीहत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों पाकिस्तान की एक 'साइकिल एंबुलेंस' का वीडियो (Video) काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखकर कई लोग हैरान हैं, तो कई लोग मजाक भी बना रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि कराची में हाल ही में मेयर ने साइकिल एंबुलेंस सेवा शुरू की है। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी तुलना दूसरे देशों की हाईटेक एयर एंबुलेंस और ड्रोन मेडिकल सेवाओं से करनी शुरू कर दी। हालांकि, वायरल वीडियो (Viral Video) की कहानी उतनी असली नहीं है, जितनी सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही है।

Pakistan Cycle Ambulance Viral Video

पाकिस्तान में साइकिल एम्बुलेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। (X/@RevoltSpire)

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मजाक उड़ाया गया, लेकिन साइकिल एंबुलेंस के पीछे है बड़ी सोच

दरअसल, यह कोई नई योजना नहीं है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइकिल एंबुलेंस सेवा मई 2025 में Rescue 1122 द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई थी। इसका मकसद कराची के उन इलाकों में जल्दी मेडिकल मदद पहुंचाना था, जहां भारी ट्रैफिक और संकरी गलियों की वजह से बड़ी एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती। इन खास साइकिलों में जरूरी मेडिकल सामान रखा जाता है। इनमें ऑक्सीजन मास्क, नेबुलाइजर, ब्लड शुगर टेस्ट किट और फर्स्ट-एड किट जैसी चीजें मौजूद रहती हैं। प्रशिक्षित रेस्क्यू कर्मी इन साइकिलों के जरिए मरीज तक पहले पहुंचते हैं और शुरुआती इलाज शुरू कर देते हैं। इसके बाद जरूरत पड़ने पर सामान्य एंबुलेंस मरीज को अस्पताल ले जाती है।

वायरल दावे से निकली अलग कहानी

इस पहल की एक और खास बात यह है कि इसमें प्रशिक्षित महिला स्वयंसेवकों को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य सिर्फ मेडिकल सहायता देना ही नहीं, बल्कि महिलाओं की आपातकालीन सेवाओं में भागीदारी बढ़ाना भी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई पोस्ट में यह दिखाया गया कि पाकिस्तान अब एंबुलेंस की जगह सिर्फ साइकिल इस्तेमाल कर रहा है लेकिन मिल रही जानकारी के अनुसार, ऐसा नहीं है। साइकिल एंबुलेंस पारंपरिक एंबुलेंस का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी मदद करने वाली एक अतिरिक्त सेवा है, जो मुश्किल इलाकों में तेजी से प्राथमिक उपचार पहुंचाने के लिए बनाई गई है। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

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