(आज का वायरल वीडियो, Aaj Ka Viral Video) 11 अप्रैल 2026: आपने कई बार इंसानों को अपनी टीम के लिए खुद की कुर्बानी देते हुए देखा होगा, या फिर उनकी कौम को कोई दिक्कत-परेशानी ना हो और उनकी भलाई के लिए वे कई बार खुद को बली का बकरा बना लेते हैं। ऐसी ही टीम स्प्रिट की भावना बंदरों के अंदर भी देखने को मिली। जहां दो बंदर अपने साथियों को एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर भेजने के लिए खुद दोनों पेड़ों की टहनियों को पकड़कर लेट गया। जिससे दोनों पेड़ों के बीच एक पुल बन गया और उन बंदरों के साथी उनके शरीर पर चढ़कर एक से दूसरे पेड़ पर चले गए। उसमें से एक बंदर का साथ देने के लिए दूसरे पेड़ पर पहुंचा एक दूसरा बंदर उसके हाथ को जोर से पकड़े रहा ताकी उसका दोस्त गिर ना पाए। देखते ही देखते इस शानदार प्लानिंग के जरिए बंदरों की पूरी टीम एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर पहुंचने के अपने मिशन को पूरा करती है।
एक दूसरे की मदद करते बंदरों का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
ये भी पढ़ें:
एक दूसरे की मदद करते बंदरों का वीडियो हुआ वायरल
बंदरों के अंदर इस टीम भावना के भावुक पल को नीचे खड़े जंगल घूमने आए कुछ लोगों ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल (Viral Video) हो रहा है। इस वीडियो को सोशल साइट एक्स पर @sciencegirl नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा और हजारों लोगों ने इसे लाइक किया है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे बंदरों की पूरी टीम ने एक-दूसरे का सहयोग कर अपने मिशन को पूरा कर लिया।
वीडियो देख दंग रह गए लोग, दी कुछ ऐसी प्रतिक्रिया
वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दंग रह गए। वीडियो पर लोगों के कमेंट्स भी सामने आए हैं। जहां कुछ लोगों ने इन बंदरों को स्पाइडर मंकीज़ नाम की एक खास प्रजाति का होना बताया। एक यूजर ने वीडियो को लेकर थोड़ी और जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रजाति के बंदरों के बीच यह व्यवहार बेहद ही आम बात है। वे ऐसा खाने की तलाश, खतरे से बचने या समूह को एक से दूसरे जगह ले जाने के लिए करते हैं। ऐसे ही वे ‘लाइव ब्रिज’ बनाते हैं और अपनी टीम की मदद करते हैं। वहीं एक अन्य यूजर ने इस वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, "अगर बंदर मदद कर सकते हैं तो हम इंसान क्यों नहीं?" एक और यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, "प्रकृति हमें सबकुछ सीखा देती है।"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
