डॉक्टर भगवान का रूप होता है। यह बात सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस डॉक्टर ने सही साबित कर दिखाया है। जहां होली जैसे हिंदुओं के महापर्व पर डॉक्टर ने त्योहार की मस्ती के आगे सबसे पहले अपने फर्ज को चुना और यह दिखा दिया कि, हां, यह सच है कि डॉक्टर भगवान तो नहीं लेकिन उससे कम भी नहीं होता।
बच्चे को देखते डॉक्टर साहब (X/@ChapraZila)
होली की मस्ती छोड़ मरीज देखने लगे डॉक्टर साहब
वायरल हो रहे इस वीडियो के कैप्शन में बताया गया है कि डॉक्टर साहब अपने परिवार के साथ घर पर होली खेल रहे थे। तभी उनके दरवाजे पर एक दस्तक हुई। दरवाजा खोला तो देखा कि बुर्का पहने एक मुस्लिम महिला अपने बीमार बच्चे को गोद में लेकर खड़ी है और उनसे इलाज करने को कह रही है। डॉक्टर साहब तुरंत त्योहार की मस्ती बीच में ही छोड़कर बच्चे को देखना और उसका इलाज करना शुरू कर देते हैं।
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वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
वीडियो में आप देख सकते हैं कि डॉक्टर साहब होली के रंग में पूरी तरह से सने हुए हैं। सामने बुर्का वाली महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर खड़ी है। डॉक्टर साहब इस हालत में भी सबसे पहले अपनी ड्यूटी निभाते हुए बीमार बच्चे के परिजनों से उसकी तकलीफों को सुन रहे हैं ताकि वे उसकी अच्छी तरह से उपचार कर सकें। इस वायरल वीडियो को सोशल साइट एक्स पर @ChapraZila नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसे अब तक हजारों लोगों ने देखा और लाइक किया है।
लोगों ने बांधा डॉक्टर साहब के तारीफों की पुल
इस वायरल वीडियो को देख लोग भावुक हो गए और वीडियो के कमेंट में डॉक्टर साहब की निस्वार्थ सेवा की तारीफ करने लगे। एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, "डॉक्टर ने त्योहार मनाते हुए भी ड्यूटी और मरीज के प्रति जो अपनी जिम्मेदारी दिखाई वह काबिले तारीफ है।" दूसरे ने लिखा, "ऐसे लोगों की वजह से ही यह दुनिया आबाद है।" तीसरे ने लिखा, "एक सच्चा डॉक्टर ऐसा ही होता है।" ऐसे ही कई अन्य लोगों ने वीडियो पर कमेंट किया और आंसू वाले इमोजी के साथ अपनी भावनाओं को कमेंट बॉक्स में सामने रखा।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
