Greater Noida News: नमो भारत या मेट्रो, अब इसी असमंजस के फेर में फंस गया नोएडा एक्सटेंशन

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 15 साल से मेट्रो का इंतजार जारी है, जबकि सरकार और अथॉरिटी अब भी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि यहां मेट्रो चलेगी या नमो भारत रैपिड रेल। लाखों की आबादी वाले इस क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी बड़ी समस्या है। अधूरे प्रोजेक्ट, बंद पड़ी इमारतें और रजिस्ट्री विवाद लोगों की परेशानियां बढ़ा रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट यानी नोएडा एक्सटेंशन, दिल्ली के पास NCR का एक ऐसा शहर है, जहां कई तरह की समस्याएं हैं। लोगों को यहां सरकार और अथॉरिटी से शिकायतें भी काफी हैं। कई बार ऐसा लगता है कि उनकी प्रायोरिटी में ये इलाका है ही नहीं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 6 लाख की जनसंख्या रहती है, लेकिन यहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के नाम पर सिर्फ ई-रिक्शा और थ्री-व्हीलर ही हैं। यातायात के ये माध्यम सवारियों को ढोकर सेक्टर-52 स्थित मेट्रो स्टेशन तक और मेट्रो से उनकी सोसाइटी या कॉलोनी तक पहुंचा देते हैं। साल 2008-10 के आसपास जब यह इलाका डेवलप होना शुरू हुआ था, तभी से यहां के लिए मेट्रो रेल प्रस्तावित है। लेकिन आज भी इस इलाके में मेट्रो नहीं पहुंची है, ऊपर से अधिकारी असमंजस में हैं कि यहां के निवासियों को मेट्रो की सेवा दी जाए या नमो भारत (रैपिड रेल) की।

Greater Noida West Metro-2

कब खत्म होगा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो का इंतजार

सपनों की मेट्रो सपनों में

जब यह इलाका डेवलप करने के लिए प्राइवेट बिल्डरों को दिया गया तो उन्होंने धड़ा-धड़ एक के बाद एक प्रोजेक्ट लॉन्च कर दिए। घर खरीदारों को मेट्रो रेल का सपना दिखाया गया। बिल्डर अपने फ्लैट बेचने के लिए बताते की फलां जगह से मेट्रो जाएगी, फलां जगह पर स्टेशन बनेगा। मेट्रो का काम जल्द शुरू होने का झांसा भी घर खरीदारों को दिया गया। हजारों घर खरीदार उनके इस झांसे में आए और उन्होंने अपने जीवनभर की कमाई यहां फ्लैट खरीदने में लगा दी। कुछ ने बैंक लोन लेकर घर खरीदा, लेकिन 15-17 साल बीत जाने के बावजूद आज तक यह तय नहीं हो पा रहा है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो चलाई भी जाए या नहीं।

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