Special Train Fares: भारतीय रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि आरक्षित सीट वाली 'विशेष' (स्पेशल) ट्रेनों का किराया नियमित ट्रेनों से अधिक क्यों होता है। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में इस पर स्थिति स्पष्ट की और रेलवे के किराया ढांचे की जानकारी दी।
आरक्षित सीट वाली स्पेशल ट्रेन का किराया नियमित ट्रेनों से अधिक क्यों?
संसद में उठाए गए थे किराया दरों पर सवाल
कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने संसद में स्पेशल ट्रेनों के किराए तय करने के मापदंडों और इसके ढांचे से जुड़ा सवाल पूछा था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान ऐसी कितनी स्पेशल ट्रेनें हैं जिन्हें नियमित सेवाओं में बदला गया है। इस पर रेल मंत्री ने लिखित रूप में संसद को किराया नीति और रेलवे की परिचालन रणनीतियों से अवगत कराया।
आरक्षित और अनारक्षित ट्रेनों के किराए में अंतर
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक रेल मंत्री ने किराए के गणित को समझाते हुए बताया कि पूरी तरह से द्वितीय श्रेणी वाली अनारक्षित स्पेशल ट्रेनों का किराया नियमित यानी रेगुलर अनारक्षित ट्रेनों के बराबर ही रखा जाता है। इसमें यात्रियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता। हालांकि, आरक्षित सीट वाली स्पेशल ट्रेनों का किराया (Reserved Special Trains Fare) सामान्य और नियमित रूप से चलने वाली निर्धारित समय-सारणी वाली ट्रेनों से अधिक होता है।
मांग और संसाधनों के आधार पर फैसला
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे यात्रियों की बढ़ती भीड़ और मांग को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करता है। त्योहारों, छुट्टियों या व्यस्त सीजन के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, मौजूदा ट्रेनों के फेरे बढ़ाना, उनमें अतिरिक्त कोच लगाना और रूट का विस्तार करना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यह सब परिचालन की व्यवहार्यता, संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न रूटों पर मांग को देखकर तय किया जाता है।
यात्रियों को मिलती है भारी सब्सिडी
संसद में किराए का ब्योरा देने के साथ ही रेल मंत्री ने रेलवे द्वारा यात्रियों को दी जाने वाली वित्तीय छूट का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे आम जनता को कम दाम में यात्रा सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान रेलवे ने यात्री टिकटों पर कुल 60,239 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी दी है, जिससे यात्रियों पर सफर का बोझ कम हो सके।
