रेलवे स्टेशनों के रिनोवेशन से लेकर सबसे तेज ट्रेनें चलाने तक, भारतीय रेलवे रेलवे यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने को लेकर जमकर काम कर रहा है। रेलवे वर्ल्ड क्सास की सुविधाएं और तेज गति की ट्रेनों को चलाने के साथ ही पैसेंजर्स की सेफ्टी पर भी फोकस कर रहा है। रेलवे अब स्टेशनों पर पैनिक बटन लगाने की योजना पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य रेलवे अपने नेटवर्क के विभिन्न स्टेशनों पर पैनिक स्विच लगाने की तैयारी कर रहा है। मुसीबत के समय लोगों की मदद के लिए डिजाइन किए गए पैनिक स्विच को लगाने के लिए कुल 117 स्टेशनों का चयन किया गया है।
क्या है पैनिक बटन
पैनिक बटन उन सुरक्षा उपकरणों में से एक है जिसका उपयोग अक्सर आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। ऐसा स्विच लोगों को आपात स्थिति के दौरान मदद मांगने की अनुमति देता है। रेलवे स्टेशनों पर पैनिक बटन यात्रियों को किसी भी संकट की स्थिति के बारे में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कर्मियों को सचेत करने की अनुमति देगा। परेशानी का सामना कर रहे यात्री स्टेशनों पर लगे स्विच का इस्तेमाल कर आरपीएफ से मदद मांग सकते हैं।
कहां पहुंचेगा अलर्ट
एक बार स्विच दबाए जाने पर आरपीएफ कंट्रोल रूम में एक अलर्ट पहुंचेगा। इससे जरूरतमंदों को तुरंत सहायता मिल सकेगी। सीसीटीवी की जांच कर जरूरतमंदों की पहचान की जाएगी। स्टेशनों पर स्विच लगाने का काम एक साल के भीतर पूरा कर होने की उम्मीद है। मध्य रेलवे ने पैनिक स्विच लगाने के लिए रेलटेल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
महिला डिब्बों में इमरजेंसी टॉकबैक
रेलवे स्टेशनों पर पैनिक बटन के अलावा, मध्य रेलवे मध्य रेलवे के तहत मुंबई की लोकल ट्रेनों में सभी महिला डिब्बों में एक इमरजेंसी टॉकबैक सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाने पर भी विचार कर रहा है। सुरक्षा गियर लगाने का काम मार्च 2024 तक पूरी होने की उम्मीद है। 771 महिला कोचों में से 421 में पहले से ही सीसीटीवी लगे हैं और 512 में आपातकालीन टॉकबैक सिस्टम भी इंस्टॉल है।
