Aadhaar biometric update for children: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) जल्द ही देशभर के स्कूलों में बच्चों के आधार कार्ड (बाल आधार कार्ड) का बायोमेट्रिक अपडेट शुरू करने जा रहा है। यह योजना उन बच्चों को कवर करेगी जिनका आधार बिना बायोमेट्रिक जानकारी के बना था। करीब 7 करोड़ बच्चों को इस पहल से लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
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पांच साल के बाद जरूरी है बायोमेट्रिक अपडेट
UIDAI के अनुसार, पांच वर्ष की आयु पूरी करने के बाद बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक जानकारी जोड़ना अनिवार्य है। यदि सात साल की उम्र तक यह अपडेट नहीं किया गया, तो आधार निष्क्रिय हो सकता है। यह प्रक्रिया आधार की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
स्कूलों के जरिए होगा आसान और व्यापक कवरेज
UIDAI इस अपडेट को स्कूलों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। प्रत्येक जिले में बायोमेट्रिक मशीनें भेजी जाएंगी, जिन्हें स्कूलों में इस्तेमाल किया जाएगा। यह प्रक्रिया माता-पिता की सहमति से की जाएगी और टेस्टिंग के बाद अगले 60 दिनों में शुरू हो सकती है।
5 से 7 साल के बच्चों के लिए फ्री
बायोमेट्रिक अपडेट 5 से 7 साल की उम्र के बीच बिना किसी शुल्क के किया जाएगा। लेकिन सात साल के बाद ₹100 का शुल्क लगेगा। अपडेटेड आधार से बच्चों को स्कूल में दाखिला, छात्रवृत्ति, प्रवेश परीक्षा और DBT जैसी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
भविष्य में 15 साल पर भी होगा दूसरा अपडेट
UIDAI की योजना है कि 15 वर्ष की उम्र पर आवश्यक दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट भी स्कूलों के माध्यम से ही किया जाए। फिलहाल प्राथमिक फोकस पहले अपडेट पर है, ताकि बच्चों को समय पर सभी जरूरी सेवाएं मिल सकें।
शुरुआती आधार बिना बायोमेट्रिक के होता है जारी
नवजात और पांच साल से कम उम्र के बच्चों को आधार बिना फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन के जारी किया जाता है। इसे बाल आधार कहा जाता है। UIDAI मानता है कि स्कूलों के माध्यम से यह प्रक्रिया सरल और सुलभ बनेगी, जिससे बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
