Sukanya Samriddhi Yojana: 'बेटी बचाओ, बेटीओ पढ़ाओ' अभियान को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने साल 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) शुरू की थी। इस स्कीम का लक्ष्य बेटियों की पढ़ाई से लेकर शादी तक के लिए फंड जमा करना है। बेटी के माता-पिता इस स्कीम में निवेश कर अपनी बेटी के लिए मोटा फंड जमा कर सकते हैं। इस स्कीम में निवेश कर माता-पिता इनकम टैक्स की धार 80C के तहत टैक्स डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं। केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए इस स्कीम में निवेश की राशि पर 8.2 फीसदी की दर से ब्याज ऑफर कर रही है।
हर महीने इतना करें निवेश
अगर कोई कमाने वाला व्यक्ति अपनी बेटी के जन्म के बाद सुकन्या समृद्धि योजना में प्रति माह 12,500 या प्रति वर्ष 1.50 लाख का निवेश करना शुरू करता है, तो वह बेटी की उम्र 21 साल होने तक लगभग 69 लाख रुपये जमा कर लेगा। इसके अतिरिक्त, निवेशक आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत एक वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकता है।
निकासी के नियम
अगर कोई व्यक्ति अपनी बेटी के जन्म के तुरंत बाद सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश शुरू कर देता है, तो वो 15 साल तक पैसा जमा कर सकेगा। इस स्कीम में तब तक पैसा जमा किया जा सकता है, जब तक की बेटी उम्र 14 साल नहीं हो जाती। लड़की की उम्र 18 साल होने के बाद इस स्कीम के खाते से मैच्योरिटी राशि का 50 फीसदी हिस्सा निकाला जा सकता है। बाकी की राशि 21 साल की उम्र पर मिलती है।
SSY कैलकुलेटर
यदि कोई व्यक्ति 12 किस्तों में प्रति माह 12,500 या एक समय में 1.50 लाख रुपये का निवेश करता है। ऐसे में वो 15 साल तक हर साल 1.50 लाख रुपये जमा करेगा। इस तरह वो कुल 22,50,000 रुपये जमा करेगा। अब मैच्योरिटी के समय निवेश की राशि पर 8.2 फीसदी रिटर्न मानते हुए देखें, तो उसे ब्याज के रूप में 46,82,618 रुपये मिलेंगे। इस तरह बेटी को 21 साल की उम्र में 69,32,648 रुपये मिलेंगे।
