स्मार्ट मीटर पर आपका कंट्रोल, पोस्टपेड रखें या अपनाएं प्रीपेड का तरीका; यूजर्स के लिए बड़ा विकल्प

बिजली विभागीय अधिकारी यह बताते हैं कि सबसे पहले तो बिजली उपभोक्ताओं को यह समझना जरूरी है कि स्मार्ट मीटर सिर्फ एक मीटर है, जिसका काम सिर्फ बिजली खपत की रीडिंग करना है। बिजली का टैरिफ रेट संबंधित राज्य विद्युत विनियामक आयोग हर साल तय करता है और उसी के मुताबित बिजली बिल बनता है।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए एक और खुशखबरी है। बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगवाना भले ही अनिवार्य हो लेकिन उन्हें अब यह विकल्प चुनने का अधिकार मिल गया है कि वह अपना मीटर पोस्टपेड तरीके से ही चलाना चाहते हैं, या प्रीपेड विकल्प में जाना चाहेंगे। स्मार्ट मीटर लगाने वाला टेक्नीशियन आपके घर पर सिर्फ स्मार्ट मीटर लगा सकता है, आपको जो भी विकल्प चाहिए उसके लिए आपको बिजली विभाग से बात करनी होगी।

Electricity Bill Control Smart Meter

स्मार्ट मीटर पर यूजर्स के लिए कई विकल्प

आपको बता दें कि पोस्टपेड विकल्प में चलने वाले स्मार्ट मीटर में सामान्य मीटर की तरह ही महीने के आखिर एक बार बिल आएगा और बकाया बिल पर आपको चक्रवृद्धि ब्याज भी देना होगा। लेकिन उपभोक्ता बिजली के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड तरीके से इस्तेमाल करता है तो वह प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ ले सकता है। जिनमें बिजली विभाग द्वारा बनाए गए ऐप के जरिए रियल टाइम पर बिजली खपत की जानकारी, सटीक बिलिंग, आसान भुगतान, सोलर पैनल के साथ स्मार्ट मीटर का उपयोग और ऑनलाइन रिचार्ज पर मिलने वाली छूट समेत राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधाएं शामिल हैं।

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