UPI पेमेंट में बढ़ेगी प्राइवेसी, मोबाइल नंबर छिपाने की तैयारी में NPCI

इन बदलावों के लागू होने के बाद UPI यूजर्स की निजी जानकारी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित होगी। मोबाइल नंबर सार्वजनिक न होने से स्पैम कॉल, फर्जी मैसेज, ऑनलाइन धोखाधड़ी और पहचान से जुड़े जोखिम कम हो सकते हैं।

देश में डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने की दिशा में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) बड़ा कदम उठाने जा रहा है। UPI नेटवर्क संचालित करने वाली संस्था NPCI, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून को लागू करने की तैयारी के तहत बैंकों और UPI ऐप्स के साथ चर्चा कर रही है। इसका उद्देश्य UPI लेनदेन के दौरान ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी, खासकर मोबाइल नंबर और नाम, को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखना है।

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मोबाइल नंबर की जगह मिलेगा Username आधारित UPI ID

मोबाइल नंबर छिपाने का दिया जा चुका है निर्देश

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, NPCI पहले ही सभी UPI ऐप्स और सदस्य बैंकों को ग्राहकों के मोबाइल नंबर मास्क (Mask) करने का निर्देश जारी कर चुका है। हाल के महीनों में खासकर महिला यूजर्स की ओर से सोशल मीडिया पर पहचान और गोपनीयता से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। NPCI ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए 4 सितंबर तक की समय-सीमा तय की है।

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