PF Account: कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय रूप से सुरक्षित भविष्य मिल सके इसी उद्देश्य के साथ भारत सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की शुरुआत की थी। EPF के तहत व्यक्ति का अकाउंट खोला जाता है और इस अकाउंट में व्यक्ति की कमाई से हर महीने एक तय हिस्सा जमा कर दिया जाता है। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधित इमरजेंसी, मकान बनाने या फिर शादी करने के लिए इस अकाउंट से पैसा निकाला जा सकता है। इसके साथ ही हर साल इस खाते पर 8.25% सालाना ब्याज मिलता है और इस पैसे का फायदा आपको रिटायरमेंट के बाद मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी कुछ गलतियों की वजह से आपका PF अकाउंट फ्रीज हो सकता है?
इन कारणों से तुरंत फ्रीज हो जाएगा PF अकाउंट, ऐसे होगा डिफ्रीज
इन वजहों से फ्रीज होता है PF अकाउंट
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अकाउंट को फ्रीज करने के लिए तीन कैटेगरी का विभाजन किया है। कैटेगरी के आधार पर ही अकाउंट को वेरीफाई करने की मांग की जाती है और जब तक अकाउंट का वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो जाता तब तक अकाउंट को फ्रीज कर दिया जाता है। कैटेगरी जिनके आधार पर PF अकाउंट किया जाता है फ्रीज
- हेड ऑफिस द्वारा MID/UAN/संस्थाओं की पहचान करके अकाउंट फ्रीज कर दिया जाए
- ऐसे अकाउंट जिनमें फ्रॉड की कोशिश की गई हो
- नियमों के विरुद्ध या बिना अप्रूवल के अकाउंट में पैसे जमा होने पर
PF अकाउंट फ्रीज होने पर क्या होता है?
PF अकाउंट के फ्रीज हो जाने पर खाताधारक अकाउंट में लॉग इन नहीं कर सकता। न ही खाताधारक नया UAN नंबर जनरेट कर सकता है और न ही पुराने UAN/MID नंबर को लिंक कर सकता है। इसके साथ ही खाताधारक फंड ट्रान्सफर नहीं कर सकता, अकाउंट में पैसे जमा नहीं कर सकता और PAN/GSTIN के आधार पर नया अकाउंट नंबर भी जनरेट नहीं कर सकता।
क्या होता है डिफ्रीज करना?
जब भी फ्रीज हुए PF अकाउंट को वेरीफाई कर इसके सभी ऑपरेशन्स को सामान्य किया जाता है तो इस प्रक्रिया को डिफ्रीज करना कहते हैं। आमतौर पर एक PF अकाउंट को 30 दिनों के लिए फ्रीज किया जाता है लेकिन अगर 30 दिनों में भी अकाउंट का वेरिफिकेशन पूरा नहीं होता है तो अकाउंट को 40 से 45 दिनों के लिए भी फ्रीज किया जा सकता है। वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद आप PF अकाउंट को डिफ्रीज करवा सकते हैं।
