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Ladli behna Yojana: दिवाली से 1500 रुपये, तो 2028 में मिलेंगे 3000 रुपये, कौन उठा पाएगा फायदा, जानें 8 जरूरी बातें

Ladli behna Yojana 2025 to 2028 benefits Explained: हर पात्र महिला के बैंक अकाउंट में डायरेक्ट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि भेजी जाती है। इसके लिए योजना में एक बार आवेदन करना होता है और पात्रता की जांच के बाद लाभ ऑटोमेटिक मिलने लगता है। यहां हम इस योजना से बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

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लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी।

Ladli behna Yojana 2025 to 2028 benefits Explained: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य की लाड़ली बहना योजना को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए इस योजना के तहत मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता को दिवाली से 1,500 रुपये करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 तक इसे चरणबद्ध तरीके से ₹3,000 प्रतिमाह तक बढ़ाया जाएगा। यहां हम इस योजना के बारे में सभी जरूरी जानकारी दे रहे हैं।

कहां से शुरू हुई योजना?

लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। उस समय पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते थे। इसके बाद योजना को बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रतिमाह किया गया, और अब दिवाली 2025 से यह राशि 1,500 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 1.27 करोड़ महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं।

रक्षा बंधन पर मिल सकता है बोनस

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी घोषणा की कि इस साल रक्षा बंधन के अवसर पर अतिरिक्त 250 रुपये की राशि बहनों को दी जाएगी। इस तरह जुलाई-अगस्त 2025 में महिलाओं को कुल 1,750 रुपये मिल सकते हैं। यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक और ठोस प्रयास है।

2028 तक ₹3,000 कैसे पहुंचेगा लाभ?

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकल्प पत्र में कहा था कि लाड़ली बहनों को हर महीने ₹3,000 की राशि दी जाएगी। अब यह घोषणा की गई है कि 2026 और 2027 में क्रमिक वृद्धि के साथ यह राशि 2028 तक ₹3,000 हो जाएगी। इसका रोडमैप कुछ इस प्रकार हो सकता है:

  • 2025 दिवाली: ₹1,500 प्रति माह
  • 2026 मध्य तक: ₹2,000 अनुमानित
  • 2027 अंत तक: ₹2,500
  • 2028 तक ₹3,000 प्रति माह मिल सकता है

किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?

  • लाड़ली बहना योजना का लाभ प्रदेश की 21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की ऐसी महिलाएं उठा सकती हैं:
  • जो विवाहित, विधवा या तलाकशुदा हैं
  • जिनका पारिवारिक वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम है
  • जिनके नाम पर बड़ी संपत्ति या सरकारी नौकरी नहीं है

इन महिलाओं को नहीं मिलता योजना का लाभ

लाड़ली बहना योजना के तहत सभी महिलाओं को लाभ नहीं मिलता। सरकार ने कुछ स्पष्ट अपात्रता मापदंड तय किए हैं। जैसे कि सरकारी कर्मचारी महिलाएं, सरकारी पेंशन पाने वाली महिलाएं, आयकरदाता महिलाएं, जिनके पति आयकरदाता हैं या सरकारी नौकरी में हैं, जिनके पास बड़ी कृषि भूमि या संपत्ति है, प्राइवेट सेक्टर की हाई इनकम महिलाओं को भी इस योजना से बाहर रखा गया है। योजना का उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद और ग्रामीण परिवेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।

राशि कैसे मिलती है?

हर पात्र महिला के बैंक अकाउंट में डायरेक्ट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि भेजी जाती है। इसके लिए योजना में एक बार आवेदन करना होता है और पात्रता की जांच के बाद लाभ ऑटोमेटिक मिलने लगता है।

कैसे होता है आवेदन

लाड़ली बहना योजना में आवेदन करने के लिए महिलाएं अपने नजदीकी ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय या सीएससी सेंटर में जाकर आवेदन करना होता है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर जरूरी होते हैं। महिलाओं को एक निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर जमा करना होता है, जिसकी ऑनलाइन एंट्री अधिकारी द्वारा की जाती है। पात्रता की जांच के बाद आवेदन स्वीकृत या अस्वीकृत किया जाता है। स्वीकृत महिलाओं की सूची पंचायत या पोर्टल पर जारी की जाती है। इसके बाद प्रत्येक माह राशि सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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