अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्द के बीच भारत में रसोई गैस की किल्लत होने लगी है। सरकार ने कई शहरों में कमर्शियल गैस की सप्लाई बंद कर दी है और सिर्फ घरेलू इस्तेमाल के लिए गैस सप्लाई पर नजर रखने को कहा है। गैस किल्लत के बीच इंडक्शन कुकर या इंडक्शन स्टोव की मांग बढ़ गई है। अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि इंडक्शन पर खाना बनाने से बिजली का खर्च बहुत हो जाता है। आइए समझते हैं कि अगर दो लोगों का खाना इंडक्शन पर बनाया जाए तो कितनी बिजली खर्च होगी और क्या यह एलपीजी गैस से सस्ता पड़ता है?
LPG VS Induction Stove Cost/Photo- Canva
इंडक्शन कुकर कितनी बिजली खपत करता है
अधिकतर घरों में इस्तेमाल होने वाला इंडक्शन कुकर लगभग 1,800 से 2,000 वॉट यानी करीब 2 किलोवॉट क्षमता का होता है। अगर दो लोगों के लिए दाल, चावल और सब्जी जैसे सामान्य भोजन को तैयार करने में करीब 45 से 60 मिनट का समय लगता है, तो इस दौरान लगभग 1 से 1.2 यूनिट बिजली खर्च होती है। भारत में घरेलू बिजली की औसत कीमत लगभग 7 से 8 रुपये प्रति यूनिट मानी जाए तो दो लोगों का खाना इंडक्शन पर बनाने में करीब 7 से 10 रुपये तक की बिजली खर्च होती है।
एलपीजी गैस पर कितना खर्च आता है
भारत में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर इंडेन, भारत गैस और एचपी जैसी कंपनियां सप्लाई करती हैं। आमतौर पर 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर लगभग 900 रुपये के आसपास पड़ता है (कीमत शहर के अनुसार अलग हो सकती है), हालांकि हाल ही में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 60 रुपये तक का इजाफा हुआ है। एक औसत परिवार में यह सिलेंडर करीब 25 से 30 दिन चलता है। अगर दैनिक खर्च का हिसाब लगाया जाए तो दो लोगों के लिए खाना बनाने में करीब 30 से 35 रुपये के आसपास गैस की खपत हो सकती है।
इंडक्शन और गैस में कौन सस्ता
यदि तुलना की जाए तो दो लोगों के भोजन को इंडक्शन पर पकाने में लगभग 7 से 10 रुपये खर्च होते हैं, जबकि एलपीजी गैस पर यही खर्च करीब 30 रुपये या उससे अधिक हो सकता है यानी सामान्य स्थिति में इंडक्शन पर खाना बनाना गैस के मुकाबले सस्ता पड़ सकता है, हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बिजली की दरें, खाना पकाने का समय और इस्तेमाल होने वाले उपकरण के आधार पर वास्तविक खर्च अलग-अलग हो सकता है।
क्या इंडक्शन पूरी तरह गैस का विकल्प है
इंडक्शन कुकर तेज और ऊर्जा दक्ष माना जाता है, लेकिन हर घर में इसे पूरी तरह गैस का विकल्प नहीं माना जा सकता। कई पारंपरिक व्यंजन धीमी आंच पर पकाए जाते हैं, जो गैस पर बनाना ज्यादा आसान होता है। इसलिए आज भी ज्यादातर घरों में गैस और इंडक्शन दोनों का मिला जुला इस्तेमाल देखने को मिलता है।
