International Anti-Corruption Day: बच्चों को बचपन से ही छोटी-छोटी बातों से सिखाएं ईमानदार बनना

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  • Updated Dec 9, 2022, 06:22 AM IST

भ्रष्टाचार ऐसी सामाजिक बुराई है जो देश व समाज को खोखला बना देती है। ऊंचाइयों को छूने वाले कई लोगों ने स्वीकार किया है कि उनकी सफलता में सच्चाई, ईमानदारी, अनुशासन जैसे गुणों ने अहम भूमिका निभाई है। बच्चों में सद्गुणों के विकास के लिए रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों से सीख दी जा सकती है।

KEY HIGHLIGHTS
  • करप्शन इंडेक्स में भारत 194 देशों की सूची में 82 वें स्थान पर
  • बच्चों में सकारात्मक गुणों के विकास में परिवार, समाज, स्कूल की भूमिका अहम
  • ईमानदारी के गुण से मिलेगी सफलता की मंजिल

International Anti-Corruption Day : हर साल 9 दिसंबर को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस (International Anti Corruption Day) मनाया जाता है। यूएनओ की पहल पर वर्ष 2005 से इसकी इसकी शुरुआत हुई है। भारत समेत पूरी दुनिया के लिए भ्रष्टाचार गंभीर चुनौती बनी हुई है। वर्ष 2020 के करप्शन इंडेक्स में भारत 194 देशों की सूची में 77 वें स्थान पर था और एक साल बाद 2021 में 5 पायदान खिसक कर 82 वें स्थान पर पहुंच गया। भ्रष्टाचार ऐसी सामाजिक बुराई है जो किसी भी देश या समाज को खोखला ही नहीं कर देती है बल्कि विकास की राह में बाधक होती है। इस निराशाजनक स्थिति में बदलाव के लिए आवश्यक है कि हमारी अगली पीढ़ी ईमानदारी की अहमियत को पहचाने और अपनाए।

international anti corruption day.

ईमानदारी और अनुशासन जैसे गुण सफलता की हैं सीढ़ी

बच्चों में सकारात्मक गुणों को विकसित करने में सबसे अहम भूमिका परिवार, समाज और स्कूल निभाते हैं। सच्चाई, ईमानदारी, अनुशासन जैसे गुण व्यक्तित्व में ही चार चांद नहीं लगाते सफलता के शिखर तक पहुंचने में मददगार साबित होते हैं। ऊंचाइयों को छूने वाले कई लोगों ने माना है कि उनकी सफलता में सच्चाई, ईमानदारी, अनुशासन जैसे गुणों की अहम भूमिका रही है। बच्चों में ऐसे सद्गुणों के विकास के लिए भारी भरकम कोर्स की जरूरत नहीं है। रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों से उन्हें ईमानदारी की बड़ी सीख दी जा सकती है। ईमानदारी का गुण उन्हें सफलता की मंजिल तक ले जाएगा।

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