EPFO: रिटायरमेंट के बाद जीवन में वित्तीय चुनौतियां बढ़ जाती हैं। सरकार भी इस बात को अच्छे से समझती है और इसीलिए सभी कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की शुरुआत की गई है। अगर आपकी सैलरी से हर महीने PF कटता है तो आपको 58 साल की उम्र के बाद आपको पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि EPF का हिस्सा बनने वाले कर्मचारियों को अनेक तरीके से पेंशन मिल सकती है? ज्यादातर लोग जो EPFO के सदस्य हैं, वो इस बात को नहीं जानते। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आपके EPF के पैसे से न सिर्फ आप बल्कि आपका पूरा परिवार भी वित्तीय रूप से सुरक्षित हो जाता है।
PF अकाउंट वालों को अनेक तरह की मिलती है पेंशन, आपके लिए कौन सी है बेहतर
आपको कहां से मिलती है पेंशन
इससे पहले कि आपको विभिन्न प्रकार की पेंशनों के बारे में बताएं, पहले ये जान लेते हैं कि आपकी पेंशन के लिए फंड कैसे बनता है? हर महीने आपकी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा PF अकाउंट में जाता है और कंपनी की तरफ से भी इतना ही हिस्सा जमा किया जाता है। कंपनी द्वारा जमा किये गए हिस्से में से 8.67% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा होता है। और शेष बचा 3.33% हिस्सा PF अकाउंट में जमा होता है। 58 साल की उम्र और 10 साल नौकरी करने के बाद आपको EPS अकाउंट में जमा पैसे से ही पेंशन मिलती है।
कितनी तरह की होती है पेंशन
आइये अब आपको बताते हैं कि किसी भी कर्मचारी को कितनी तरह की पेंशन मिल सकती है।
सामान्य पेंशन
अगर कोई भी कर्मचारी 10 साल काम कर चुका है और उसकी उम्र अब 58 साल है तो वह पेंशन प्राप्त करने का अधिकारी है। कर्मचारी चाहे तो अपनी पेंशन को दो साल के लिए स्थगित भी कर सकता है जिसके बाद कर्मचारी को 4% अधिक सालाना दर से पेंशन मिलती है।
अर्ली पेंशन
क्या आप जानते हैं कि आप EPS के तहत अर्ली पेंशन यानी रिटायर होने से पहले ही पेंशन प्राप्त कर सकते हैं? कर्मचारी चाहे तो 58 साल की उम्र से पहले भी पेंशन के लिए अप्लाई कर सकता है। यहां ध्यान रखना होगा कि कर्मचारी पेंशन के लिए तभी अप्लाई कर सकता है जब उसकी उम्र 50 साल से ज्यादा हो जाए। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि अर्ली पेंशन के मामले में कर्मचारी को हर साल 4% कम सालाना दर से ब्याज दिया जाएगा।
अनाथ पेंशन
अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाए और जीवन साथी न हो या फिर उनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी हो तो ऐसे में कर्मचारी के बच्चों को 25 साल की उम्र पूरी होने तक पेंशन दी जाती है।
विधवा पेंशन और नॉमिनी पेंशन
कर्मचारी की मृत्यु हो जाने के बाद उनकी विधवा को पेंशन दी जाती है। वहीं, अगर जीवन साथी नहीं है और बच्चे भी नहीं हैं तो पेंशन उन्हें मिलेगी जिन्हें कर्मचारी ने नॉमिनी बनाया होगा।
विकलांग पेंशन
अगर कर्मचारी काम के दौरान आंशिक या फिर पूरी तरह से विकलांग हो जाए तो उन्हें पेंशन मिलना शुरू हो जाती है। ऐसे में न ही 10 साल काम करने और न ही 58 साल की उम्र पूरी होने का नियम और शर्त लागू होता है। अगर कर्मचारी ने 2 साल EPS में योगदान दिया है तो वह इस सुविधा का लाभ उठा सकता है।
