डिजिटल अरेस्ट को लेकर सरकार लगातार लोगों को आगाह कर रही है लेकिन लोग हैं कि ध्यान देना ही नहीं है। देश में हर दिन किसी-ना-किसी को डिजिटल अरेस्ट करके उसका बैंक अकाउंट खाली किया जा रहा है।
Digital Arrest Scam/TNN
अब एक ताजा बेंगलुरु में सामने आया है जिसमें 81 वर्षीय रिटायर्ड बुज़ुर्ग को 'डिजिटल अरेस्ट' करके 1.77 करोड़ रुपये की भारी ठगी का शिकार बनाया गया। यह घटना शहर के सदानंद नगर में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक के साथ घटी, जिन्होंने 23 जुलाई को पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा?
यह धोखाधड़ी 5 जुलाई को शुरू हुई, जब उन्हें खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम "संदीप जाधव" बताया और दावा किया कि पीड़ित का आधार नंबर एक बैंक खाते से जुड़ा हुआ है, जो Jet Airways के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद बुज़ुर्ग को बताया गया कि उन्हें "डिजिटल अरेस्ट" में कर लिया गया है और उन्हें व्हाट्सएप पर फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजे गए ताकि सब कुछ असली लगे।
सरकारी खाते में भेजने को कहा पैसा
ठगों ने उन्हें यह कहकर डराया कि जांच के दौरान उनकी सारी रकम को सरकारी सुरक्षित खातों में ट्रांसफर करना पड़ेगा और जांच पूरी होने के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे।
बुजुर्ग ने खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश में इंटरनेट बैंकिंग के जरिए कई बार में 1.77 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। उन्हें तब समझ आया कि वे ठगी का शिकार हुए हैं, जब फोन कॉल्स आनी बंद हो गईं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने अब इस मामले में IT एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें पहचान की चोरी, जालसाजी और धोखाधड़ी शामिल हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर जब उन्हें किसी हाई-प्रोफाइल केस जैसे नरेश गोयल से जोड़ा जाता है।
क्या है डिजिटल अरेस्ट और कैसे बचें?
डिजिटल अरेस्ट की शुरुआत एक अनजान नंबर से आने वाली कॉल से होती है। यह कॉल सरकारी अधिकारी, ईडी, सीबीआई के नाम से आती है और लोगों से कहा जाता है कि उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हुए धोखाधड़ी की गई है। उन्हें फर्जी वारंटी भी जारी किए जाते हैं और उसके बाद केस को खत्म करने के लिए पैसे मांगे जाते हैं। आप साफतौर पर बता दें कि किसी भी सूरत में इस तरह की कॉल पर भरोसा ना करें और पैसे ट्रांसफर करने की गलती ना करें, क्योंकि भारत में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई चीज है ही नहीं।
