Automatic EPF Account Transfer: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सदस्यों को पीएफ खाते को ट्रांसफर करने के काम से निजात दिला दी है। एक अप्रैल से लागू EPFO के नए नियम के अनुसार, नौकरी बदलने के बाद अब कर्मचारियों को पीएफ खाता ट्रांसफर करने के लिए रिक्वेस्ट नहीं करना होगा। अब यह काम ऑटोमैटिक हो जाएगा। अकाउंट के ट्रांसफर करने के बाद ही नौकरी बदलने वाले मौजूदा ईपीएफ सदस्यों को अपनी पीएफ खाते की शेष राशि को ट्रांसफर करने में मदद मिलती है। लेकिन नए नियम के अनुसार अब यह काम खुद-ब-खुद हो जाएगा। हालांकि, इस नई सुविधा का लाभ सभी कर्मचारी नहीं उठा सकेंगे। आइए जानते ऐसा क्यों?
किसे नहीं मिलेगा इस सुविधा का लाभ
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, पुराने नियोक्ता से नए नियोक्ता के पास ईपीएफ खातों के ऑटोमैटिक ट्रांसफर सुविधा सभी ईपीएफ सदस्यों के लिए उपलब्ध नहीं है। यह सुविधा केवल उन ईपीएफ सदस्यों के लिए उपलब्ध है जिनके ईपीएफ अकाउंट पुराने और नए दोनों EPFO के पास हैं। छूट प्राप्त पीएफ ट्रस्ट ऑटोमैटिक अकाउंट ट्रांसफर सुविधा के पात्र नहीं होंगे। यानी उन्हें पहले की तरह ही नौकरी बदलने के बाद पीएफ खाता ट्रांसफर के लिए रिक्वेस्ट करनी होगी।
ऐसे कर्मचारियों को क्या करना होगा
प्राइवेट पीएफ ट्रस्ट EPFO के बजाय संबंधित कंपनी के कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड कंट्रीब्यूशन को मैनेज करते हैं। हालांकि, उन्हें पीएफ के नियमों का पालन करना होता है। लेकिन उन्हें अपने पीएफ खाते को ट्रांसफर करने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म 13 फॉर्म भरना होगा। इसके जरिए आपने खाते को नई कंपनी में ट्रांसफर कर पाएंगे।
ऑटोमैटिक अकाउंट ट्रांसफर
नए नियम के अनुसार, जब कोई व्यक्ति नौकरी बदलेगा, तो उसका पुराना पीएफ बैलेंस ऑटोमैटिक रूप से ट्रांसफर हो जाएगा। इससे ईपीएफओ खाताधारकों को नई कंपनी में शामिल होने पर मैन्युअल रूप से पीएफ ट्रांसफर के लिए रिक्वेस्ट करने की जरूरत खत्म हो गई है। पहले यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होने के बावजूद लोगों को पीएफ ट्रांसफर के लिए अनुरोध करने की परेशानी से गुजरना पड़ता था जो अब जरूरी नहीं होगा। ईपीएफओ ने ऑटोमैटिक अकाउंट ट्रांसफर की सुविधा शुरू कर दी है। यह सुविधा एक अप्रैल से मिलनी शुरू हो गई है। हालांकि, यह सविधा उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनका केवाईसी पूरा होगा।
