Top Tourist Places in Varanasi (बनारस के प्रमुख दर्शनीय स्थल): वाराणसी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का ऐसा खूबसूरत शहर जिसका दर्शन करने के लिए सिर्फ देश हि नहीं ,बल्कि विदेश से भी यहां लोग घूमने के लिए आते हैं। गंगा नदी पर बसा यह शहर हिंदुओं के लिए बहुत ही खास तीर्थ स्थलों में जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि गंगा नदी में स्नान करके भगवान शंकर के दर्शन
Best Tourist Places in Varanasi
करने पर मोक्ष की प्रप्ति होती है। वाराणसी अपने कई प्राचीन मंदिरों के अलावा घाटों और अन्य लोकप्रिय स्थानों के लिए भी जाना जाता है । इसे मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। अगर आप भी इस जगह जाने की सोच रहे हैं तो इस लेख में बताई गई वाराणसी के 6 जगहों पर जाना न भूलें।
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काशी विश्वनाथ मंदिर -Kashi vishwanath Temple
काशी वश्वनानाथ मंदिर को वाराणसी ही नहीं भारत का भी सबसे प्रमुख मंदिर माना जाता है। इस मंदिर की कहानी काफि प्रचीन है। इस मंदिर की कहानी तीन हजार हजार पांच सौ साल से भी अधिक पुरानी है। काशी विश्वनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है,जिसके दर्शन के लिए लाखों की संख्या में लोग यहां आते हैं। वाराणसी को प्राचीन काल में काशी कहा जाता था, और इसलिए इस मंदिर को लोकप्रिय रूप से काशी विश्वनाथ मंदिर कहा जाता है। मंदिर के मुख्य देवता को श्री विश्वनाथ के नाम से जाना जाता है जिसका शाब्दिक अर्थ है ब्रह्मांड के भगवान।
वाराणसी का प्रमुख घाट अस्सी घाट
अस्सी घाट को वह स्थान माना जाता है जहां महान कवि तुलसीदास का निधन हुआ था। यहां स्थानीय लोगों के साथ -साथ पर्यटक गंगा किनारे सूर्यास्त और सूर्योदय के अद्भुत दृश्य देखने के लिए आते हैं। ये वो जगह है जहां लंबे समय तक वाराणसी की यात्रा करने वाले लोग रहा करते थे। अस्सी घाट पर सुबह गंगा की आरती की छटा देखते ही बनती है। इसके अलावा पर्यटक आम तौर पर शाम को अस्सी से दशाश्वमेघ घाट तक नाव से यात्रा करते हैं। चूंकि अस्सी घाट बनारस हिंदू विश्वविद्दालय के पास है इसलिए यहां छात्रों का आना -जाना लगा रहता है।
वाराणसी में रामनगर किला
रामनगर किला को राजा बलवंत सिंह के आदेश पर 1750 ईस्वी में बलुआ पत्थर से बनाया गया था। यह किला वाराणसी के रामनगर में स्थित है। यह तुलसी घाट के सामने गंगा के पूर्वी तट पर स्थित है। बलुआ पत्थर की संरचना का निर्माण 1750 में काशी नरेश राजा बलवंत सिंह द्वारा राजपूताना शैली में किया गया था।
संकट मोचन हनुमान मंदिर
यह मंदिर बनारस हिंदू विश्वविद्दालय के नजदीक दुर्गा मंदिर और नए विश्वनाथ मंदिर के रास्ते में स्थित हैं। संकट मोचन का अर्थ है परेशानियों तथा दुखों को हरने वाला। इस मंदिर की रचना बनारस हिन्दू विश्वविद्दालय के संस्थापक श्री मदन मोहन मालवीय जी द्वारा 1800 ई में हुई थी।
