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थाईलैंड घूमने का प्लान बना रहे हो? ETA के बारे में जान लो पूरी जानकारी

ETA होने का सबसे बड़ा लाभ पर्यटकों को उनका वक्त बचाने में होगी। थाईलैंड सरकार का उद्देश्य ये है कि इस तकनीक के द्वारा ठहरने की अवधि बढ़ाने के साथ-साथ आप्रवासन प्रक्रियाओं की गति भी बढ़ाई जाए लेकिन ये थाईलैंड में व्यक्तिगत प्रवेश की अनुमति नहीं देता है।

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Thailand Tourism

Electronic Travel Authorisation: थाईलैंड टूरिज्म से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय नागरिकों सहित वीज़ा-मुक्त देशों से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों के लिए थाइलैंड एक इलेक्ट्रॉनिक यात्रा प्राधिकरण (ETA) प्रणाली शुरू करने जा रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार इस नई प्रणाली को सुरक्षा बढ़ाने और आव्रजन प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए तैयार किया गया है।

ट्रैकिंग में मिलेगी मदद: इस प्रणाली का उद्देश्य ये भी है कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगंतुक ट्रैकिंग कुशल हो, साथ ही प्रमुख वैश्विक पर्यटन स्थलों में से एक के रूप में थाईलैंड की स्थिति को बनाए रखा जा सके। इस पर मामले पर मीडिया से मुखातिब होते हुए थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईटीए प्रणाली 93 वीजा-मुक्त देशों के आगंतुकों पर लागू होंगी।

60 दिनों तक देश में रहने के लिए बनाएगा सक्षम: हालांकि मलेशिया, लाओस और कंबोडिया के नागरिकों को इस प्रणाली से बाहर रखा जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य आव्रजन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और यात्रियों को निर्बाध प्रवेश का अनुभव देना है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि प्रत्येक अनुमोदित ईटीए थाईलैंड में एकल प्रवेश के लिए ही मान्य होगा जो यात्री को 60 दिनों तक देश में रहने में सक्षम करेगा।

निशुल्क होगी ये प्रणाली: उक्त ईटीए प्रणाली को इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा प्रणाली के साथ लागू किया जाएगा, थाई सरकार जून, 2025 तक दोनों प्रणालियों को एक ऑनलाइन प्रणाली में एकीकृत करने का विचार बना रहा है। ईटीए प्राप्त करना आसान होगा क्योंकि इस प्रक्रिया में आवेदक के लिए केवल एक ऑनलाइन फॉर्म भरना शामिल होगा। यात्रियों को एक आवेदन के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी जो बिल्कुल निशुल्क होगी।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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