Famous Devi Temples Near Delhi NCR: इस साल शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है। अगर आप नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के दर्शन के साथ एक छोटी धार्मिक यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो दिल्ली-एनसीआर और आसपास कई प्रसिद्ध देवी मंदिर हैं, जहां परिवार के साथ जाया जा सकता है। दिल्ली के झंडेवाला मंदिर और कालकाजी मंदिर से लेकर गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर और आगे पंचकूला के माता मनसा देवी मंदिर तक, इन जगहों पर दर्शन के साथ अलग-अलग तरह का ट्रैवल एक्सपीरियंस भी मिलता है।
दिल्ली-एनसीआर के फेमस देवी मंदिर (Image AI Generated and Newsroom Verified)
इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होगी। पंचांग के अनुसार नवरात्रि का पहला दिन घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा के लिए रहेगा। 19 अक्टूबर को दुर्गाष्टमी और महानवमी का संयोग रहेगा, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी और दशहरा मनाया जाएगा।
ऐसे में अगर आप नवरात्रि के नौ दिनों में किसी दिन मंदिर दर्शन के लिए निकलना चाहते हैं तो दिल्ली और आसपास के इन प्रमुख देवी मंदिरों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
झंडेवाला देवी मंदिर, दिल्ली
मां आदिशक्ति झंडेवाला देवी मंदिर नवरात्रि में दिल्ली के सबसे चर्चित देवी मंदिरों में शामिल है। करोल बाग और झंडेवाला इलाके के आसपास स्थित यह मंदिर मां आदिशक्ति झंडेवाली देवी को समर्पित है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष सजावट, पूजा और आरती का माहौल देखने को मिलता है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार शारदीय नवरात्रि महोत्सव 2026 के लिए विशेष कार्यक्रम निर्धारित हैं और नवरात्रि के दौरान मंदिर सुबह से रात तक दर्शन के लिए खुला रहता है।
अगर आप दिल्ली में ही रहकर नवरात्रि का माहौल महसूस करना चाहते हैं तो झंडेवाला मंदिर के साथ करोल बाग, कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के आसपास के बाजारों को भी अपने ट्रैवल प्लान में शामिल कर सकते हैं। यानी यहां धार्मिक यात्रा के साथ दिल्ली घूमने का प्लान भी बनाया जा सकता है।
कालकाजी मंदिर, दिल्ली
कालका जी मंदिर दिल्ली के प्रमुख देवी मंदिरों में से एक है और मां कालिका को समर्पित है। दिल्ली सरकार के जिला प्रशासन के अनुसार यह मंदिर दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित है और कालकाजी मेट्रो स्टेशन के कारण यहां पहुंचना भी आसान है।
नवरात्रि में कालकाजी मंदिर के आसपास भक्तों की भीड़ और धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं। अगर आप सार्वजनिक परिवहन से दर्शन करने निकल रहे हैं तो यह जगह खास तौर पर सुविधाजनक हो सकती है। यहां दर्शन के बाद नेहरू प्लेस और आसपास के दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में घूमने का प्लान भी बनाया जा सकता है।
छतरपुर मंदिर, दिल्ली
श्री आद्या कात्यानी शक्तिपीठ यानी छतरपुर मंदिर दिल्ली के बड़े मंदिर परिसरों में गिना जाता है। आधिकारिक मंदिर वेबसाइट के अनुसार यह परिसर करीब 70 एकड़ में विकसित हुआ है और अलग-अलग स्थापत्य शैलियों के मंदिर यहां देखने को मिलते हैं। मंदिर परिसर में मां कात्यायनी सहित देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के दौरान यहां का माहौल खास हो जाता है। अगर आप केवल कुछ मिनट के दर्शन के बजाय मंदिर परिसर को आराम से देखना चाहते हैं तो छतरपुर के लिए अलग से कुछ घंटे निकालना बेहतर रहेगा।
शीतला माता मंदिर, गुरुग्राम
अगर दिल्ली से थोड़ा बाहर निकलकर एनसीआर की धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं तो गुरुग्राम का शीतला माता मंदिर अच्छा विकल्प हो सकता है। हरियाणा सरकार के अनुसार यह मंदिर गुरुग्राम का प्रमुख धार्मिक स्थल है और नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर दिल्ली से सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन भी करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर है।
शीतला माता मंदिर की खास बात यह है कि यहां दर्शन के बाद पुराने गुरुग्राम का अनुभव भी लिया जा सकता है। अगर परिवार के साथ जा रहे हैं तो सुबह मंदिर दर्शन करके दिन का बाकी समय गुरुग्राम में बिताने का प्लान बनाया जा सकता है। मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व इसे केवल दर्शन स्थल के बजाय एक छोटे धार्मिक ट्रिप का हिस्सा बनाता है।
माता मनसा देवी मंदिर, पंचकूला
अगर आपके पास एक पूरा दिन या वीकेंड है और दिल्ली-एनसीआर से थोड़ी लंबी धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं तो पंचकूला का मनसा देवी मंदिर भी विकल्प है। हरियाणा सरकार के अनुसार माता मनसा देवी मंदिर शिवालिक की तलहटी में करीब 100 एकड़ के परिसर में स्थित प्रमुख शक्तिस्थलों में शामिल है और नवरात्रि के दौरान यहां नौ दिनों का मेला आयोजित किया जाता है।
यह ट्रिप उन लोगों के लिए ज्यादा अच्छा रहेगा जो दर्शन के साथ एक लंबी रोड ट्रिप का अनुभव लेना चाहते हैं। पंचकूला पहुंचने के बाद माता मनसा देवी मंदिर के अलावा आसपास के क्षेत्र को भी यात्रा में शामिल किया जा सकता है। मंदिर बोर्ड के अनुसार यहां दर्शन के लिए ऑनलाइन टोकन की सुविधा भी उपलब्ध है और मंदिर के समय मौसम के अनुसार निर्धारित होते हैं।
मनसा देवी के साथ कालका माता मंदिर की यात्रा
अगर पंचकूला तक जा रहे हैं तो यात्रा को केवल एक मंदिर तक सीमित रखने के बजाय माता मनसा देवी और कालका माता मंदिर को एक साथ जोड़ने का प्लान बनाया जा सकता है। श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड दोनों मंदिरों से संबंधित व्यवस्थाएं भी संचालित करता है और उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर मनसा देवी के साथ काली माता मंदिर, कालका की जानकारी भी उपलब्ध है। इस तरह दिल्ली से निकलकर एक धार्मिक रोड ट्रिप का प्लान बनाया जा सकता है, जिसमें एक ही यात्रा के दौरान दो प्रमुख देवी मंदिरों में दर्शन का अवसर मिलेगा।
नवरात्रि में मंदिर दर्शन करने जाएं तो इन बातों का रखें ध्यान
नवरात्रि के दौरान प्रसिद्ध मंदिरों में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ हो सकती है। इसलिए अगर आप परिवार या बच्चों के साथ जा रहे हैं तो सुबह जल्दी मंदिर पहुंचना सुविधाजनक रह सकता है। खास तौर पर अष्टमी और नवमी के दिन भीड़ ज्यादा होने की संभावना रहती है, इसलिए इन तारीखों पर यात्रा करने से पहले संबंधित मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय प्रशासन से दर्शन व्यवस्था और समय की जानकारी जांच लेना बेहतर होगा।
अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो झंडेवाला, कालकाजी और छतरपुर को अलग-अलग दिनों में भी कवर किया जा सकता है। वहीं गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर को एक दिन की एनसीआर ट्रिप और पंचकूला के मनसा देवी मंदिर को वीकेंड रोड ट्रिप की तरह प्लान किया जा सकता है।
नवरात्रि में मंदिर दर्शन के साथ ऐसे बनाएं ट्रैवल प्लान
अगर आपके पास केवल एक दिन है तो दिल्ली के अंदर झंडेवाला देवी मंदिर, कालकाजी मंदिर या छतरपुर मंदिर में से किसी एक को चुनना आसान रहेगा। अगर आधा दिन और मिल रहा है तो मंदिर के आसपास के प्रमुख बाजार और पर्यटन स्थलों को जोड़ा जा सकता है।
अगर आपके पास पूरा दिन है तो दिल्ली से गुरुग्राम जाकर शीतला माता मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं और इसके बाद गुरुग्राम में बाकी समय बिताया जा सकता है। वहीं, वीकेंड ट्रिप के लिए पंचकूला का माता मनसा देवी मंदिर बेहतर तरीके से प्लान किया जा सकता है, क्योंकि यहां जाने पर यात्रा का धार्मिक अनुभव एक लंबी रोड ट्रिप के साथ जुड़ जाता है।
