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ना सड़क ना नेटवर्क, सुकून चाहिए तो इस गांव तक चलना पड़ेगा पैदल, कसोल से 10 KM दूर

Grahan Village: अगर हिमाचल घूमने का प्लान है, तो ग्रहण गांव को अपनी ट्रैवल बकेटलिस्ट में जरूर शामिल करें। ये कोई आम जगह नहीं 7,700 फीट की ऊंचाई पर बसा, शांति और एडवेंचर का परफेक्ट मिक्स है। कसोल से लगभग 10-11 किलोमीटर ट्रेक है जो आसान नहीं है लेकिन हर कदम में आपको मस्ती और नजारे देखने को मिलेंगे। कम लोग यहां जाते हैं, इसलिए शांति, हरा-भरा माहौल और दिल को छू लेने वाले नजारे आपका दिन बना देंगे।

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हिमाचल प्रदेश की पार्वती घाटी में स्थित ग्रहण
Authored by: prabhat sharma
Updated Dec 25, 2025, 22:27 IST

Grahan Village Kasol: रोमांच की तलाश में इस बार हिमाचल प्रदेश की पार्वती घाटी में स्थित ग्रहण गांव की तरफ निकल पड़ा। ये कोई आम जगह नहीं है। 7,700 फीट की ऊंचाई पर बसा ये गांव सीधे सड़क से नहीं जुड़ा है। मतलब, इसको देखने के लिए सच्चा ट्रेकिंग एडवेंचर चाहिए। दिल्ली से कश्मीरी गेट से बस पकड़कर रातभर की लंबी यात्रा के बाद भुंतर पहुंचा। वहां से कसोल जाने के लिए बस बदलनी पड़ी। भुंतर से कसोल तक का सफर लगभग 1 घंटे का था। बस ने मुझे कसोल मेन मार्केट में ड्रॉप किया।

कम पैसों में बढ़िया ट्रिप चाहिए थी तो मैंने हॉस्टल/गोस्टॉप में ठहरना चुना। कसोल में रुकने के लिए ढेरों ऑप्शन हैं ऐसे में आप अपनी सुविधा के हिसाब से विकल्प चुन सकते हो। पहले दिन का प्लान था कसोल एक्सप्लोर करना, क्योंकि उसी दिन ट्रेक करके वापस आना नामुमकिन था। कसोल की गलियों में घूमना, लोकल मार्केट देखना और थोड़ा आराम करना बस यही पहले दिन का प्लान था। अगले दिन सुबह मैं निकल पड़ा महायात्रा पर, जो मेरे लिए जिंदगी का एक यादगार सफर बनकर रहने वाली थी।

ग्रहण विलेज ट्रेक

ग्रहण विलेज ट्रेक

ग्रहण विलेज ट्रेक (Grahan village trek)

जहां मैं ठहरा था, वहां से लगभग 100 सीढ़ी उतरकर 50 कदम पैदल चलना था और बस, ट्रेक शुरू। रास्ता सुनसान, चारों तरफ देवदार के जंगल, बर्फ से ढकी पहाड़ियां और खुले मैदान। हवा इतनी ठंडी थी कि एक बार सांस भरते ही महसूस हुआ कि ये सिर्फ ट्रेक नहीं, असली एडवेंचर है। 7-8 किलोमीटर तक कोई दिखाई नहीं दिया।

कुछ लोग कहते हैं ये ट्रेक 4-5 घंटे में पूरा होता है, लेकिन मैंने इसे 2.5 घंटे में पूरा कर लिया, मजे में, गाना गुनगुनाते और कभी-कभी नदी के किनारे चिल करते हुए। रास्ते में कुछ भेड़ें घास चरती दिखीं, उनकी शांति देखकर मेरा मन भी हल्का हो गया। सच कहूं तो, इतने सन्नाटे में खुद से बातें करना, कदमों की आवाज सुनना मजेदार और सुकून देने वाला अनुभव था।

रूट: भुंतर-कसोल-ग्रहण विलेज

कम पैसों में बढ़िया ट्रिप ग्रहण विलेज ट्रेक

कम पैसों में बढ़िया ट्रिप ग्रहण विलेज ट्रेक

क्या ग्रहण गांव घूमने लायक है (Is Grahan Village worth visiting)

रास्ते में सबसे मजेदार चीज थी मॉन्सटर मंकी। डरावना लेकिन मजेदार! ये असली नहीं, बल्कि टीन और वेस्ट मटेरियल से बना 18-20 फीट ऊंचा मंकीनुमा आकृति है। पहले लोग यहां ग्रैंड पार्टी किया करते थे, अब सिर्फ टूरिस्ट्स के लिए खुला मैदान बचा है। फोटो खिंचवाने और थोड़ी मस्ती के लिए ये जगह परफेक्ट है।

इसके बाद थोड़ा और चलकर मैं ग्रहण गांव पहुंचा। ये जगह फोटोग्राफी और स्लो ट्रैवल के शौकीनों के लिए जन्नत से कम नहीं है। गांव में स्थानीय लोग खुले दिल से स्वागत करते हैं और गांव की कहानी बड़े मजे से सुनाते हैं। यहां एक पुराना मंदिर है, जो सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए है। यहां कैफे की भरमार है, मैंने वहां मैगी और कॉफी का मजा लिया।

मॉन्सटर मंकी डरावना लेकिन मजेदार

मॉन्सटर मंकी डरावना लेकिन मजेदार

क्यों घूमना चाहिए:

नेचर का कॉम्बो: देवदार के जंगल, बर्फ से ढकी पहाड़ियां, खुला मैदान और नदी किनारे चिल करना।

लोकल टच: गांव वाले खुले दिल से स्वागत करते हैं और अपनी कहानी सुनाते हैं।

रिलैक्स वाइब्स: अगर आप स्लो ट्रिप, फोटोज और रिलैक्स वाइब्स चाहते हो, तो ये जगह परफेक्ट है।

ग्रहण में देखने लायक सबसे अच्छी चीजें (Grahan village places to visit)

थोड़ा आराम करने के बाद, स्थानीय ने कहा, 'भाईया, वॉटरफॉल देखे बिना वापस गए तो आपकी यात्रा अधूरी रहेगी।' हिम्मत जुटाई और वॉटरफॉल के दीदार करने के लिए 45-50 मिनट का ट्रेक और किया। रास्ता फिसलन भरा था और चढ़ाई भी थोड़ी मुश्किल थी। लेकिन, वॉटरफॉल का नजारा देखकर सारी थकान गायब हो गई। इतना स्वर्गीय एहसास था जिसे शब्दों में बताना मुश्किल है।

रोमांच की तलाश में जाएं ग्रहण

रोमांच की तलाश में जाएं ग्रहण

सफर यहीं खत्म नहीं हुआ। असली मजा तो वापसी में अंधेरे में हुआ जब मोबाइल बंद, कदम तेज और सांस गहरी हो गई। चारों तरफ घुप्प अंधेरा, ऊंचे पहाड़ और पास से आती झरनों की आवाज… दिल की धड़कन फुल फास्ट मोड में चली गई। एक वक्त तो अपनी सांस की आवाज भी लाउड लग रही थी। डर, सुकून और एडवेंचर का ऐसा परफेक्ट मिक्स जिसने अंदर तक मुझे हिला दिया। कुल मिलाकर ग्रहण विलेज सिर्फ एक ट्रेकिंग डेस्टिनेशन नहीं बल्कि मेरे लिए एक यादगार अनुभव रहा जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा।

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