Places Related to Mahatma Gandhi: भारत को आजादी दिलाने में राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (Mahatma Gandhi) का अहम योगदान है। घर में माता-पिता और स्कूल-कॉलेजों में टीचर हमेशा बच्चों को उनके बारे में बताते हैं। साथ ही उन्हें गांधीजी (Mahatma Gandhi Life) के नैतिक मूल्यों के बारे में सिखाते हैं। हर साल हम 2 अक्टूबर को गांधी जी का जन्मदिन (Mahatma Gandhi Birthday) मनाते हैं। इस दिन पूरे देश में सरकारी छुट्टी होती है। उनके जन्मदिन के इस खास मौके पर आपको उनसे जुड़ी जगहों पर जरूर जाना (Travel) चाहिए। इन जगहों पर जाकर आपको उनके बारे में और भी ज्यादा जानकारी मिलेगी। आज हम आपको गांधीजी से जुड़ी ऐसी 10 जगहों के बारे में बताने जा रहे (10 Best Places to Visit Related to Mahatma Gandhi) हैं, जहां आपको गांधी जयंती के दिन यानी 2 अक्टूबर को जरूर जाना चाहिए।
Places Related to Mahatma Gandhi: गांधीजी के बर्थडे को बनाएं स्पेशल।
महात्मा गांधी से जुड़ी घूमने की ये हैं 10 बेस्ट जगहें (10 Best Places to Visit Related to Mahatma Gandhi)
साबरमती आश्रम, अहमदाबाद (Sabarmati Ashram, Ahmedabad)
साबरमती नदी के तट पर स्थित साबरमती आश्रम 1917 से 1930 तक महात्मा गांधीजी का घर था। साबरमती आश्रम में गांधीजी ने एक स्कूल बनाया जो शारीरिक श्रम, कृषि और साक्षरता पर केंद्रित था। यहीं से उन्होंने भारतीय नमक पर कर लगाने वाले ब्रिटिश नमक कानून के विरोध में अपना प्रसिद्ध दांडी मार्च शुरू किया था।
चंपारण गांव, बिहार (Champaran Village, Bihar)
1917 में चंपारण की अपनी यात्रा पर महात्मा गांधीजी को एहसास हुआ कि किसानों के बीच अज्ञानता और अशिक्षा ने अंग्रेजों के लिए उनका शोषण करना आसान बना दिया है। उन्होंने उनकी आर्थिक और शैक्षिक स्थिति में सुधार के लिए स्वैच्छिक संगठन स्थापित करने का निर्णय लिया। अप्रैल 1917 में, उन्होंने किसानों के जीवन में सुधार के लिए चंपारण सत्याग्रह शुरू किया।
कीर्ति मंदिर, पोरबंदर (Kirti Mandir, Porbandar)
महात्मा गांधीजी का ये स्मृति मंदिर, कीर्ति मंदिर पोरबंदर में है। यहीं उनका जन्म हुआ था। ये मंदिर उनके पुश्तैनी घर के ठीक बगल में बना है। मंदिर की इमारत में एक पुस्तकालय भी है, जिसमें गांधीवाद पर किताबें हैं। साथ ही एक प्रार्थना कक्ष है, जहां सभी धर्मों की प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं।
राजघाट, दिल्ली (Raj Ghat, Delhi)
राजघाट दिल्ली में महात्मा गांधी का स्मारक है। यहीं पर गांधीजी का अंतिम संस्कार किया गया था। यहीं पर काले संगमरमर पर उनके अंतिम शब्द 'हे राम' अंकित हैं। हर शुक्रवार को राजघाट पर एक स्मरण समारोह आयोजित किया जाता है। इसके अलावा गांधीजी की जन्म और मृत्यु वर्षगांठ पर प्रार्थना सत्र आयोजित किए जाते हैं।
सेवाग्राम आश्रम, वर्धा (Sevagram Ashram, Wardha)
सेवाग्राम गांधीजी के मुख्यालय और उनके द्वारा शुरू किए गए ग्रामोद्योग संघ के मुख्यालय के रूप में काम करता था। गांधीजी यहां लगभग डेढ़ साल तक रहे और इस दौरान उन्होंने ग्रामोद्योग के पुनरुद्धार और ग्राम स्वच्छता जैसे कार्यक्रम आयोजित किये।
गांधी स्मारक संग्रहालय, मदुरै (Gandhi Memorial Museum, Madurai)
1921 में मदुरै में गांधीजी ने अपनी पोशाक के रूप में लंगोटी को अपनाया, जिससे उन्हें भारत के बाहर द नेकेड फकीर की उपाधि मिली। यहां गांधी स्मारक संग्रहालय में तस्वीरों, कोट्स और चित्रों के माध्यम से आप गांधीजी का जीवन देख सकते हैं। मुख्य भवन के सामने गांधी कुटीर है।
सारस्वथ निकेतनम्, वेतापलेम (Saraswatha Niketanam, Vetapalem)
आंध्र प्रदेश के चिराला से लगभग 10 किलोमीटर दूर, छोटे से समुद्र तटीय शहर वेतापलेम में एक पुस्तकालय है जो महात्मा गांधीजीऔर स्वतंत्रता संग्राम को समृद्ध श्रद्धांजलि देता है। सरस्वती निकेतनम नाम के इस निजी पुस्तकालय की स्थापना 1918 में वी वी श्रेष्ठी ने की थी। ये तेलुगु साहित्य का खजाना है और गांधीजी ने खुद साल 1927 में इस पुस्तकालय के एक नए विंग की आधारशिला रखी थी।
गांधी स्मृति (Gandhi Smriti)
गांधी स्मृति को पहले बिड़ला हाउस या बिड़ला भवन के रूप में जाना जाता था। गांधी स्मृति वह जगह है, जहां महात्मा गांधी ने अपनी हत्या से पहले अपने जीवन के अंतिम 144 दिन बिताए थे। मूल रूप से बिड़ला के व्यापारिक परिवार से संबंधित ये संपत्ति है अब महात्मा गांधी को समर्पित एक संग्रहालय है।
राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय, नई दिल्ली (National Gandhi Museum, New Delhi)
दिल्ली के राजघाट क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय महात्मा गांधी के जीवन और कार्यों को समर्पित सबसे प्रतिष्ठित संग्रहालयों में से एक है। गांधीजी की हत्या के तुरंत बाद खोला गया ये संग्रहालय महात्मा गांधी की व्यक्तिगत स्मृतियों और कला कृतियों के प्रभावशाली संग्रह के लिए फेमस है। इस संग्रहालय में लोकप्रिय संग्रहणीय वस्तुओं में महात्मा गांधी की निजी चीजें शामिल हैं, जिनमें उनकी चप्पलें, बर्तन, चश्मा, बिस्तर, जेल का कटोरा और वह छड़ी शामिल है, जिसका इस्तेमाल उन्होंने दांडी से प्रसिद्ध नमक मार्च के लिए किया था।
आगा खान महल, पुणे (Aga Khan Palace, Pune)
पुणे में आगा खान महल को इतिहास की किताबों में तब जगह मिली जब महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी और गांधी के सचिव महादेव देसाई को 1942 के भारत छोड़ो अभियान के बाद जेल में डाल दिया गया था। कस्तूरबा और महादेवभाई की मृत्यु भी यहीं हुई थी। आज आगा खान महल में गांधी राष्ट्रीय स्मारक है, जिसमें गांधी के जीवन को प्रदर्शित करने वाली तस्वीरें और पेंटिंग हैं। ये पुणे-अहमदनगर रोड पर येरवडा में बंड गार्डन से केवल 2 किलोमीटर दूर स्थित है।
