How to prevent smartphone from fire: स्मार्टफोन में अक्सर ब्लास्ट होने या फिर आग लगने की खबरें आती रहती हैं। हाल ही में प्रीमियम स्मार्टफोन Google Pixel 6a में भी आग लगने की खबर सामने आई थी। स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। आज हमारी डेली रूटीन लाइफ के कई सारे काम इस पर निर्भर हो चुके हैं। इससे हमारे कई सारे मुश्किल काम आसान हो चुके हैं लेकिन अगर हम लापरवाही बरतते हैं तो इससे बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए स्मार्टफोन इस्तेमाल करते समय हमें बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।
कई बार हमारी लापरवाही की वजह से भी स्मार्टफोन में ब्लास्ट हो जाता है। (फोटो क्रेडिट-iStock)
स्मार्टफोन में आग लगने की खबरें ज्यादातर गर्मी के मौसम में सामन आती है लेकिन ऐसा नहीं है कि बरसात में यह ब्लास्ट नहीं हो सकता है। Google Pixel 6a ब्लास्ट ऐसे समय में हुआ जब यूजर नींद में सो रहा था और फोन उसके सिर के पास रखा था। अगर आप बारिश के मौसम में बहुत अधिक फोन इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताते हैं जिनसे आपको बचना चाहिए।
चार्जिंग पर रखें विशेष ध्यान
स्मार्टफोन आज हमारी लाइफ से जुड़ चुका है। हर एक छोटे-बड़े काम में इसका इस्तेमाल होता है। लगातार यूज होने की वजह से बार बार चार्जिंग में लगाना पड़ता है। फोन ब्लास्ट होने के पीछे एक सबसे बड़ा कारण चार्जिंग के दौरान होने वाली गलतियां भी हैं। स्मार्टफोन चार्ज करते समय आपको कई तरह की बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
भूलकर भी न करें ये बड़ी गलती
- अगर आप बरसात के मौसम में फोन को चार्जिंग पर लगा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि चार्जर या फिर चार्जिंग पोर्ट गीला न हो। गीले चार्जर या फिर पोर्ट की वजह से शॉर्ट शर्किट हो सकता है और फोन ब्लास्ट कर सकता है।
- अक्सर लोग रात में स्मार्टफोन को इस्तेमाल करने के बाद उसे चार्जिंग पर लगाकर तकिए के नीचे रख लेते हैं। यह एक गलती आपके लिए बड़ी घातक हो सकती है। चार्जिंग के दौरान फोन की बैटरी बहुत अधिक हीट जनरेट करती है और तकिए के नीचे होने की वजह से वह हीट बाहर नहीं निकल पाती। इस वजह से बैटरी ओवरहीट होकर ब्लस्ट कर जाती है।
- अगर आप चार्जिंग को दौरान वीडियो स्ट्रीमिंग करते हैं या फिर वीडियो गेम प्ले करते हैं तो आपको इससे बचना चाहिए। चार्जिंग के दौरान फोन इस्तेमाल करने से बैटरी पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है और इससे उसमें आग लगने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है
