Government Advisory to Tech Firms: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नए आईटी नियमों के तहत टेक कंपनियों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया कि भारत में कोई भी एआई टूल या ऐप लॉन्च करने से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी। इस कदम का उद्देश्य एआई के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र को रेगुलराइज करने और इसके जिम्मेदार और नैतिक उपयोग को सुनिश्चित करना है।
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एडवाइजरी में सरकार ने क्या कहा?. स्टार्टअप पर लागू नहीं होगी एडवाइजरी
सरकार की हाल ही में टेक कंपनियों को जारी एडवाइजरी को लेकर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा क्या बदलाव किए गए हैं। चंद्रशेखर की पोस्ट के अनुसार, एडवाइजरी का उद्देश्य महत्वपूर्ण प्लेटफार्म्स पर है और Meity से अनुमति केवल बड़े प्लेटफार्म्स के लिए है और स्टार्टअप पर लागू नहीं होगी। एडवाइजरी का उद्देश्य भारतीय इंटरनेट पर परीक्षण न किए गए एआई प्लेटफार्म्स को तैनात करना है।उन्होंने कहा कि टेस्ट न किए गए प्लेटफार्म के बारे में यूजर्स की अनुमति, लेबलिंग और सहमति लेना जरूरी होगा। यह प्रोसेस प्लेटफार्म के लिए बीमा पॉलिसी है और इसको लेकर यूजर्स द्वारा फर्म पर मुकदमा दायर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार, भारत में इंटरनेट की सुरक्षा और भरोसे को यूजर्स और प्लेटफार्म्स तक पहुंचाना चाहती है।
AI लेबलिंग करना अनिवार्य
बता दें कि हाल ही में गूगल के एआई प्लेटफॉर्म जेमिनी को विवाद का सामना करना पड़ रहा है। अब आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अंडर-ट्रायल एआई मॉडल की सरकारी मंजूरी और लेबलिंग पर जोर दिया है। इसके अलावा प्लेटफार्म को यूजर्स की सहमति भी लेनी होगी और भारतीय सार्वजनिक इंटरनेट पर सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। नियम नहीं मानने पर कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने टेक फर्म को एडवाइजरी में कहा कि टेस्टिंग या अविश्वसनीय एआई मॉडल को लॉन्च करने से पहले सरकार से मंजूरी लेना आवश्यक है।
टेक फर्म को दूसरी सलाह
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नए आईटी नियमों के तहत दूसरी सलाह जारी की है, जिसके तहत जो प्लेटफार्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रोडक्ट की टेस्टिंग कर रहे हैं उन्हें लॉन्च करने से पहले केंद्र से मंजूरी लेनी होगी।
दिसंबर में भी चेताया था
यह सलाह दो महीने से अधिक समय के बाद फिर से आई है जब मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स को एक सलाह जारी की थी, जिसमें उन्हें डीपफेक के मुद्दे से निपटने के लिए मौजूदा आईटी नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया था। आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा "गूगल जेमिनी का प्रकरण बहुत शर्मनाक है, लेकिन यह कहना कि प्लेटफॉर्म का परीक्षण चल रहा था और अविश्वसनीय है, निश्चित रूप से कार्रवाई से बचने का कोई बहाना नहीं है।"
